हरिद्वार में गुप्त मंत्रणा के बाद जिले भाजपा विधायकों ने देहरादून में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत दफ्तर में हाजिरी लगाई।
विधायकों की सीएम से इस मुलाकात के सियासी निहितार्थ टटोले जा रहे हैं। हालांकि विधायकों ने इसे सामान्य शिष्टाचार भेंट बताया है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार जिले में दिसंबर माह में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होने हैं। वे मुख्यमंत्री से पंचायत चुनाव के संबंध में मार्गदर्शन लेने आए।
उधर, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार दर्शन सिंह रावत ने कहा कि हाल ही में प्रदेश सरकार ने टिहरी विस्थापितों के नौ बड़े गांवों को राजस्व गांव घोषित किया है। हरिद्वार जिले में भी विस्थापितों के गांव हैं। जिले के विधायक मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करने आए थे। मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वालों में विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, आदेश चौहान, देशराज कर्णवाल, सुरेश राठौर थे। विधायक संजय गुप्ता को भी आना था, लेकिन उन्हें आवश्यक काम से कहीं जाना पड़ा, इसलिए वे नहीं आ सके।
हरिद्वार के विधायकों के एक साथ मुलाकात के सियासी मायने टटोले जा रहे हैं। माना जा रहा है कि विधायकों की विधानसभा क्षेत्रों में कोरोनाकाल में चल रहे विकास कार्यों की रफ्तार ढीली पड़ गई है। वे उसमें तेजी चाहते हैं। वे पंचायत चुनाव से पहले निजी चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का करोड़ों रुपये बकाया राशि का भुगतान भी चाहते हैं।
मैंने मुख्यमंत्री को चीनी मिलों पर किसानों का करोड़ों रुपये बकाया भुगतान की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा है। उनसे पंचायत चुनाव की तैयारी के बारे में मार्गदर्शन मांगा। मुख्यमंत्री का सुझाव था कि पहले हमें कोरोना की चुनौती से पार पाना है।
- देशराज कर्णवाल, भाजपा विधायक, झबरेड़ा
मुख्यमंत्री ने हम सभी विधायकों ने बातचीत की। यह एक शिष्टाचार भेंट थी। पंचायत चुनाव आ रहे हैं। इनके संबंध में मुख्यमंत्री से चर्चा की गई।
-स्वामी यतीश्वरानंद, भाजपा विधायक, हरिद्वार ग्रामीण