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शर्मनाक : पौड़ी में एक दिन की बच्ची को पुल के नीचे छोड़ा, अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज

Wed, 16 Jun 2021 03:24 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पौड़ी

सार

ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची थलीसैंण पुलिस ने देखा कि नवजात शिशु बेटी है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पौड़ी जिले में एकबार फिर मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। थाना थलीसैण क्षेत्र के रोली गांव में डाल पुल के नीचे एक दिन की नवजात बच्ची मिली है। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने बच्ची को सीएचसी थलीसैण में भर्ती कराया, जहां डाक्टरों ने उपचार के बाद उसे बेस अस्पताल श्रीनगर रेफर कर दिया। प्रधान की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया है।

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जिले के थाना क्षेत्र थलीसैंण के रौली गांव में ग्रामीणों ने गांव के समीप के गदेरे में डाट पुल के नीचे किसी नवजात के रोने की आवाज सुनी। ग्रामीण जब पुल के समीप पहुंचे, तो देखा कि एक नवजात शिशु कपड़ों में लपेट कर छोड़ी गई है। ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची थलीसैंण पुलिस ने देखा कि नवजात शिशु बेटी है।

पुलिस उसे सीएचसी थलीसैंण ले आई, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेस अस्पताल श्रीनगर रेफर कर दिया। मामले में ग्राम प्रधान की तहरीर पर थलीसैंण पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। 
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एसआई बबलू चौहान ने बताया कि बच्ची को माता-पिता या संरक्षक द्वारा असुरक्षित छोड़ दिए जाने की धारा में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर ली गई है। कहा कि आरोपियों को जल्द तलाश कर गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं बेस अस्पताल श्रीनगर के बाल रोग विभागाध्यक्ष डा. व्यास राठौड़ ने बताया कि बच्ची का वजन दो किलो है और वह स्वस्थ है। 

वहीं ग्रामीणों कहना है कि नवजात को बेटी या नाजायज होने के चलते फेंक दिया गया होगा। उन्होंने आरोपियों की पहचान कर जल्द कठोर सजा दिए जाने की मांग की है।

ब्लॉक प्रमुख डॉ. रजनी रावत ने कहा कि देवभूमि में इस तरह की घटनाएं शर्मनाक हैं। पढ़े-लिखे समाज में यह घटना एक कलंकित करने वाली है। घटना से स्पष्ट होता है कि हम अभी भी दिमागी रूप से बीमार हैं। आरोपियों के खिलाफ जल्द सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

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