ट्रांसपोर्टरों ने आईएसबीटी स्थित एक होटल में बैठक कर तोताघाटी मार्ग को ट्रकों के लिए खुलवाने और बाहरी वाहनों में ओवरलोडिंग बंद करने की मांग की। शुक्रवार को सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक ट्रकों का चक्काजाम करने पर सहमती बनी।
उत्तराखंड ट्रक ट्रांसपोर्ट महासंघ के अध्यक्ष जगमोहन सकलानी ने कहा कि ऋषिकेेश से वाया तोताघाटी होते हुए श्रीनगर तक बसें तो जा रही हैं, लेकिन प्रशासन मालवाहक ट्रकों को इस रूट पर जाने की अनुमति नहीं दे रहा है। जिससे ट्रक मालिकों को वाया टिहरी जाने से 65 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में शुक्रवार को शासन को पत्र लिखा जाएगा। शुक्रवार को सुबह नौ बजे से दोपहर बारह बजे तक तीन घंटे तक ट्रकों को संचालन ठप रहेगा, जो ट्रक जहां है वहां पर खड़ा हो जाएगा। इसके लिए एक कमेटी का गठन भी किया जाएगा। ट्रांसपोर्टर संजीत कुमार ने कहा कि ऋषिकेश में सैकड़ों ट्रक होने के बावजूद ट्रांसपोर्टनगर नहीं है। उत्तर प्रदेश के ट्रक पर्वतीय क्षेत्रों में माल ढो रहे हैं, हिल परमिट न होने के बाद भी वह वाहन यमुनानगर से रुदप्रयाग ऊखीमठ तक पहुंच रहे हैं।
कुलदीप बहुगुणा ने कहा कि ट्रकों में ओवरलोड रोका जाना चाहिए। संजीत कुमार ने कहा कि ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना का हमें फायदा उठाना चाहिए। हमें एक यूनियन बनाकर आरवीएनएल में काम कर रही कंपनियों से काम मांगना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थिति यह है रेलवे सुरंग निर्माण के काम में बाहरी राज्यों के ट्रक डंपर काम पर लगे हुए हैं, स्थानीय ट्रांसपोर्टर हाथ पर हाथ धरे बैठा है।