वर्तमान ढांचे को बदलने की सिफारिश
नीति आयोग ने वर्तमान ढांचे को पूरी तरह से बदलने की सिफारिश की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकारी स्कूलों की वर्तमान व्यवस्था पिरामिड जैसी है। जिसमें निचले स्तर पर कई प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं, लेकिन माध्यमिक स्तर के स्कूलों की संख्या कम है। आयोग ने इसे सिलिंडर मॉडल में बदलने की सिफारिश की है। जहां जितने बच्चे प्राथमिक में आएं, उतने ही 12 वीं पास करके निकलें।
कक्षा एक से 12वीं तक की पढ़ाई एक छत के नीचे
नीति आयोग ने रिपोर्ट में एकीकृत स्कूल परिसर बनाने की सिफारिश की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कक्षा एक से 12 वीं तक की पढ़ाई एक ही छत के नीचे हो। जिससे छात्रों को स्कूल बदलने की दिक्कत नहीं होगी, इससे ड्रॉपआउट को कम किया जा सकेगा।
सरकारी स्कूलों से पलायन
रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकारी स्कूलों में वर्ष 2005-06 में जहां 71.13 बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे थे, वहीं, 2024-25 तक यह आंकड़ा घटकर 49.24 रह गया है। पहली बार देश के आधे से अधिक बच्चे निजी स्कूलों में पढ़ रहे हैं। जो सरकारी शिक्षा के प्रति घटते भरोसे को दर्शाता है।