रामनगर विकासखंड में उस समय हड़कंप मच गया, जब 26 बीडीसी सदस्यों ने एडीओ पंचायत को अपना सामूहिक इस्तीफा सौंपा। बीडीसी सदस्यों को मनाने की कवायद शुरू हो चुकी है। हालांकि, अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है। बीडीसी सदस्यों ने बीडीओ की कार्यप्रणाली से क्षुब्ध होकर इस्तीफा दिया है।
शनिवार को चोरपानी से बीडीसी एवं ज्येष्ठ प्रमुख संजय नेगी ने बीडीओ पर परेशान करने और विकास कार्यों में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाते हुए इस्तीफा देने की घोषणा की। इसके बाद सभी ने अपने-अपने लेटर पैड पर इस्तीफा लिखकर प्रभारी एडीओ पंचायत दिनेश सैनी को सौंप दिया।
सभी ने एक स्वर में बीडीओ नारायण दत्त भट्ट पर मनरेगा की बड़ी योजनाओं में हस्ताक्षर नहीं करने, 2 से ज्यादा पशु शेड नहीं बनाने देने, विकास कार्यों में बाधा पहुंचाने और अभद्रता करने का आरोप लगाया।
इन्होंने दिया इस्तीफा
चोरपानी से संजय नेगी, मालधन गोपाल नगर से किरण, पीरूमदारा से महावीर रावत, किशनपुर छोरी से चंद्रा फर्त्याल, कंदला से मुन्ना सिंह, सांवल्दे पूरब-पश्चिम से कैलाश चंद्र, टांडा मल्लू से मीना आर्य, धर्मपुर ओलिया से धीरेंद्र चौहान, बसई से मंजू, चिलकिया से ललित मोहन, बेड़ा झाल से इरफान, दूल्हेपुरी से पूरन कोहली, गांधीनगर मालधन से राहुल कांडपाल, क्यारी से दीप चंद्र शास्त्री, हिम्मतपुर ब्लॉक से मिथिलेश भट्ट, शिवलालपुर पांडे से नीतू आर्य, पाटकोट से भावना त्रिपाठी, उदयपुरी चोपड़ा से सुमन चौधरी, नाथूपुर छोई से मोरध्वज लटवाल, हल्दुआ से करमजीत कौर, नयागांव चौहान से महेश भारद्वाज, जस्सागांजा से कमला देवी, मालधनचौड़ तनुजा देवी, मालधन देवीपुरा से सरिता देवी, सक्कनपुर से ओमवती देवी, दयरामपुर टांडा से विजय कटारिया शामिल रहे।
क्षेत्र पंचायत सदस्यों को बेवजह परेशान करने के लिए बीडीओ नए-नए नियम बना रहे हैं। जब क्षेत्र पंचायत सदस्य बीडीओ से नए नियमों की जानकारी लेने जाते हैं, तो वह निर्वाचित सदस्यों से अभद्रता करते हैं। क्षेत्र में विकास कार्यों में भी रोड़ा अटकाया जा रहा है, जिसके चलते विकास कार्य ठप हैं। इससे जनता आक्रोशित है। इन्हीं वजहों से इस्तीफा दिया है।
- संजय नेगी, ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख
मेरी ओर से विकास कार्यों में कोई रोड़ा नहीं अटकाया जा रहा है। कार्यों को नियमानुसार ही कराया जा रहा है ताकि निष्पक्षता बनी रहे। ग्राम पंचायत में होने वाले प्रत्येक कार्य को पास करने के लिए प्रधान के हस्ताक्षर होने जरूरी हैं। मुझ पर जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, सभी निराधार और बेबुनियाद है।
- नारायण दत्त भट्ट, खंड विकास अधिकारी
बीडीसी सदस्यों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दिया है। सोमवार को वह इस्तीफों को जिला पंचायत अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों को भेजेंगे। यदि इस्तीफे मंजूर होते हैं तो दोबारा से चुनाव कराए जाएंगे।
- दिनेश सैनी, प्रभारी एडीओ पंचायत
जनता की समस्याओं और विकास के लिए जनप्रतिनिधि चुनकर आते हैं। उनकी समस्या का समाधान कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। शनिवार के घटनाक्रम के संबंध में जनप्रतिनिधियों से वार्ता की और उक्त समस्याओं से मुख्य विकास अधिकारी को अवगत करा दिया है। सीडीओ ने समस्या का निराकरण करने का आश्वासन दिया है। यदि समाधान नहीं होता है तो वर्तमान स्थिति के लिए प्रशासन स्वयं जिम्मेदार होगा।
- रेखा रावत, ब्लॉक प्रमुख रामनगर
...तो गिर क्या जाएगी ब्लॉक की सरकार
रामनगर विकासखंड में चुनाव हुए अभी एक साल भी नहीं हुआ है, ऐसे में 26 क्षेत्र पंचायत सदस्यों (बीडीसी) ने सामूहिक इस्तीफा दिया है। सामूहिक इस्तीफा बेशक बीडीओ की कार्यप्रणाली को लेकर दिया गया हो, लेकिन यदि सभी इस्तीफे मंजूर होते हैं तो ब्लॉक की सरकार गिर जाएगी और फिर से ब्लॉक प्रमुख और बीडीसी सदस्यों के चुनाव होंगे।
पिछले साल छह अक्तूबर को रामनगर विकास खंड में 33 क्षेत्र पंचायत सदस्य व प्रधानों के चुनाव हुए थे। 21 अक्तूबर को मतगणना हुई और विजेताओं के नाम घोषित हुए। इसके बाद सात नवंबर को ब्लॉक प्रमुख पद पर चुनाव हुए और भाजपा प्रत्याशी रेखा रावत विजयी हुईं।
विकासखंड में हुए चुनाव को हुए अभी आठ माह ही हुए हैं, ऐसे में एकाएक 26 बीडीसी सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के बाद से विकास खंड की राजनीति गरमा गई है, यदि सभी के इस्तीफे मंजूर होते हैं तो फिर ब्लॉक प्रमुख सहित बीडीसी सदस्यों के चुनाव दोबारा कराने होंगे।
हालांकि ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी पर विकास कार्यों में रोड़ा अटकाने का आरोप लगाया है। विभागीय अधिकारियों से तकरार पर जरूर इस्तीफे दिए हैं, लेकिन मामला राजनीतिक भी नजर आ रहा है। कहीं ना कहीं राजनीतिक तौर पर खुद को स्थापित करने की कवायद भी मानी जा रही है। ब्लॉक प्रमुख की ओर से मामले को सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। माना जा रहा है कि मामला जल्द ही सुलझ भी जाएगा, लेकिन राजनीति तपिश जरूर बढ़ने के आसार है।