इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोग जो ऑनलाइन परीक्षाएं आयोजित कर रहा है, अभ्यर्थी को इसके लिए व्यापक स्तर पर विभिन्न माध्यमों से प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि ऑनलाइन परीक्षा होने से पूर्व अभ्यर्थियों को ऑनलाइन परीक्षा से संबंधित सभी नियमों की जानकारी हो।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऑनलाइन परीक्षाओं से संबंधित सभी जानकारियों एवं मॉकटेस्ट के लिए अभ्यर्थियों-छात्रों को महाविद्यालयों, जिन माध्यमिक स्कूलों में वर्चुअल क्लास की व्यवस्था है, विकासखंड, तहसील एवं जिला स्तर पर भी वर्चुअल एवं अन्य माध्यमों से प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए। अभ्यर्थियों-छात्रों के फीडबैक भी अवश्य लिए जाए।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, मुख्यमंत्री के आईटी सलाहकार रविंद्र दत्त, सदस्य उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग डा. प्रकाश थपलियाल, सचिव संतोष बडोगनी, अनुसचिव आजन नैथानी, आशीष कौल आदि उपस्थित थे।
आयोग के अध्यक्ष एस राजू ने जानकारी दी कि उन्होंने बताया कि ऑनलाइन परीक्षाएं (कम्प्यूटर बेस्ड टेस्ट) आयोग पहली बार शुरू कर रहा है। 19 दिसंबर 2020 से तीन ऑनलाइन परीक्षाएं प्रारंभ हो रही हैं। ऑनलाइन परीक्षाओं के लिए प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किया गया है।
इस प्रशिक्षण मॉड्यूल में ऑनलाइन परीक्षाओं के लिए जारी दिशा-निर्देश, परीक्षा पूर्व, परीक्षा के दौरान तथा परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों को ध्यान में रखने की मुख्य बातों को दर्शाने वाला वीडियो एवं 30 प्रश्नों का मॉक टेस्ट है जो वास्तविक परीक्षा देने के समान होगा। उन्होंने कहा कि परीक्षा में शुचिता एवं पारदर्शिता लाने की दृष्टि से ऑनलाइन परीक्षाएं एक उचित विकल्प है।
ये होगी ऑनलाइन परीक्षा की प्रक्रिया
कंप्यूटर स्क्रीन पर एक बार में एक प्रश्न प्रदर्शित होगा। प्रत्येक अभ्यर्थी का अलग प्रश्न पत्र होगा। संपूर्ण परीक्षा व सभी अभ्यर्थी सीसीटीवी कैमरे से कवर्ड होंगे। अभ्यर्थियों को परीक्षा के उपरांत पूर्व की भांति उनका प्रश्न पत्र एवं उनका उत्तर उपलब्ध कराया जाएगा। अभ्यर्थियों को प्रश्नों पर चुनौती का अवसर भी दिया जाएगा।