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उत्तराखंड: गंगा की दुर्दशा से आहत सेना के पूर्व अधिकारी शुरू करेंगे सदियों पुरानी परंपरा, होगी नदी की परिक्रमा

Thu, 10 Dec 2020 06:56 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी
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उत्तरकाशी में गंगा परिक्रमा - फोटो : amar ujala
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गंगा की दुर्दशा से आहत होकर भारतीय सेना के कुछ पूर्व सैन्य अधिकारियों ने गंगा का निर्मल पावन स्वरूप लौटाने की मुहिम शुरू की है। इसके लिए उन्होंने आम जनता के सहयोग से मुंडमाल गंगा परिक्रमा करने का निर्णय लिया है।

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आगामी 16 दिसंबर को प्रयागराज से शुरू होकर गंगा सागर एवं गोमुख होते हुए यह परिक्रमा पदयात्रा अगले वर्ष 15 अगस्त को प्रयागराज में ही संपन्न होगी। इस दौरान गंगा में हो रहे प्रदूषण और इससे बचने के लिए गंगा तटवासियों के सुझावों समेत विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपी जाएगी।

मुंडमाल गंगा परिक्रमा पदयात्रा के संयोजक कर्नल (सेनि) मनोज केश्वर ने बताया कि हिंदू धर्म में गंगा को साक्षात तीर्थ की मान्यता है। साथ ही यह जीवनदायिनी भी है।
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बीते वर्षों में भारी प्रदूषण से गंगा के अस्तित्व पर संकट मंडराने लगा है। जिसे देखते हुए प्रख्यात पर्वतारोही गोपाल शर्मा, ले.कर्नल हेम लोहुमी आदि भारतीय सेना के पूर्व सैन्य अधिकारियों ने अतुल्य गंगा ट्रस्ट का गठन कर इसके निर्मल पावन स्वरूप को लौटाने की मुहिम छेड़ी है।
 

सदियों पूर्व गंगा की मुंडमाल परिक्रमा की परंपरा थी

मनोज केश्वर ने बताया कि सदियों पूर्व गंगा की मुंडमाल परिक्रमा की परंपरा थी, जो अब लुप्त हो चुकी है। करीब एक हजार साल बाद अब अतुल्य गंगा के तहत इस परंपरा को पुनर्जीवित करते हुए इस बार मुंडमाल गंगा परिक्रमा करने का निर्णय लिया गया है।

आगामी 16 दिसंबर को यह परिक्रमा पदयात्रा प्रयागराज से शुरू होगी। गंगा के बाएं छोर से चलते हुए पदयात्रा गंगा सागर पहुंचेगी औरा वहां से नदी के दाहिने छोर से वापस गंगा के उद्गम गोमुख तक जाएगी। गोमुख से पुन: गंगा के बाएं छोर से चलते हुए 15 अगस्त 2021 को प्रयागराज में संपन्न होगी। इस तरह धार्मिक परंपराओं के अनुसार गंगा की क्लॉक वाइज परिक्रमा की जाएगी।

पदयात्रा के दौरान गंगा के तट पर स्थित तमाम नगर, कस्बों एवं गांवों में लोगों के साथ संवाद किया जाएगा। साथ ही गंगा में प्रदूषण के कारकों को चिन्हित कर इससे बचाव के प्रति लोगों को जागरुक भी किया जाएगा।

साथ ही गंगा के तटवर्ती हिस्सों में वृहद् पौधरोपण भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पदयात्रा संपन्न होने के बाद इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपी जाएगी। ताकि गंगा के अस्तित्व को बचाने के लिए ठोस प्रयास किए जा सकें।
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5100 किमी. की परिक्रमा पैदल करेंगे सात पदयात्री

अतुल्य गंगा के तहत मुंडमाल गंगा परिक्रमा पदयात्रा में कुल 5100 किमी. की दूरी पैदल तय की जाएगी। कर्नल (सेनि) आरपी पांडे, हीरेन पटेल, ले.जनरल (सेनि) एसए क्रूज, शगुन त्यागी, रोहित कुमार, रोहित उमराव तथा इंदू यह पूरी पदयात्रा करेंगे।

जबकि मार्ग में करीब बीस हजार लोग इनके साथ पदयात्रा के छोटे छोटे हिस्सों में शामिल होंगे। यह पदयात्रा अप्रैल 2021 के अंत में उत्तराखंड में प्रवेश करेगी। यहां नेहरू पर्वतारोहण संस्थान और स्नो स्पाइडर ट्रैकिंग एंड माउंटेनियरिंग एजेंसी द्वारा इस परिक्रमा पदयात्रा का सहयोग किया जाएगा।
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