मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने राज्य के विकास में नई पहल और उत्कृष्ट कार्य करने वाले 17 अधिकारियों को सुशासन पुरस्कार 2019-20 से नवाजा है। व्यक्तिगत और सामूहिक श्रेणी में अधिकारियों को पुरस्कार प्रदान किया गया।
सोमवार को सचिवालय में आयोजित मुख्यमंत्री उत्कृष्टता एवं सुशासन पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि सुशासन पुरस्कार का उद्देश्य अच्छा कार्य करने वाले कार्मिकों को प्रोत्साहित करना है। इससे अन्य लोग भी प्रेरणा लेते हैं। राज्य में लगातार तीसरे वर्ष यह पुरस्कार दिया जा रहा है। आज जिन अधिकारियों को पुरस्कृत किया गया है उन्होंने राज्य के विकास के लिए नई पहलों से योगदान करने का सराहनीय प्रयास किया है।
सुशासन पुरस्कार के व्यक्तिगत श्रेणी में प्रभागीय वन अधिकारी कोट बंगला उत्तरकाशी संदीप कुमार को भू-क्षरण व भूस्खलन पर नियंत्रण, प्रधानाचार्य राजकीय इंटर कॉलेज पत्थरपानी पिथौरागढ़ कोस्तुभ चंद्र जोशी को नई किरण वेबसाइट निर्माण, डिजिटल लैब के माध्यम से विद्यालयी शिक्षा में कार्य करने और डिप्टी कलेक्टर भनोली अल्मोड़ा को जागेश्वर महोत्सव के प्रचार से पर्यटकों की वृद्धि के फलस्वरूप रोजगार में वृद्धि के लिए पुरस्कृत किया गया।
सामूहिक श्रेणी में सचिव परिवहन शैलेश बगोली, अपर परिवहन आयुक्त सुनीता सिंह, उप परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह, संभागीय परिवहन अधिकारी दिनेश चंद्र पठोई, अरविंद पांडेय व मुख्य प्रशासनिक अधिकारी नरेश संगल को ओटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट, वाहन चालन कुशलता परीक्षण की नवीन तकनीक, कुशल वाहन चालक का चयन मात्र 15-20 मिनट में कर ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने में किए गए सराहनीय कार्य के लिए दिया गया।
उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (उरेडा) अध्यक्ष व सचिव राधिका झा, निदेशक उरेडा आलोक शेखर तिवारी, अनुभाग अधिकारी ऊर्जा जेपी मैखुरी को वन क्षेत्रोें में चीड़ की पत्तियों से पर्यावरण संतुलन में हो रहे बदलाव को रोकने के लिए पिरूल नीति तैयार करने, पिरूल आधारित बिजली उत्पादन परियोजनाओं की आवश्यकताओं के लिए स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, वन पंचायतों एवं अन्य स्थानीय संस्थाओं के सदस्यों की ओर से पिरूल एकत्रीकरण कर उद्यमियों को विक्रय करने से रोजगार के अवसर सृजित करने में सराहनीय कार्य के लिए पुरस्कृत किया गया।
जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव, मुख्य विकास अधिकारी नितिका खंडेलवाल, प्रभागीय वनाधिकारी राजीव धीमान, मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम ऋषिकेश नरेंद्र सिंह क्वीरियाल, अधिशासी अभियंता पेयजल निगम ऋषिकेश को मां गंगा की आध्यात्मिकता को कायम हुए इसके आस्था के फलस्वरूप एकत्र होने वाले फूलों का सदुपयोग कर अगरबत्ती और 22 अन्य सह उत्पाद का निर्माण करने की प्रेरणा लघु एवं कुटीर उद्योगों को देकर रोजगार सुलभ करवाने के क्षेत्र में सराहनीय कार्य के लिए दिया गया। इस अवसर पर मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजान दास, मुख्य सचिव ओमप्रकाश, अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार, प्रमुख सचिव आनंद वर्द्धन समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।