उन्होंने कहा, सरकार प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से पिछले दो साल से प्राथमिक शिक्षकों की लगातार नियुक्ति कर रही है। अब तक तीन हजार से अधिक खाली पदों को भरा जा चुका है। पूर्व में कुछ अभ्यर्थियों के एनआईओएस से डीएलएड अभ्यर्थियों को भी भर्ती में शामिल करने की मांग की थी।
इस वजह से उच्च न्यायालय में मामला होने से भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हुई। मामले में अब सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद राज्य कैबिनेट ने बेसिक शिक्षक सेवा नियमावली में आवश्यक संशोधन किया है। जिसके तहत वर्ष 2017 से 2019 तक एनआईओएस से डीएलएड करने वालों को भी प्राथमिक शिक्षक भर्ती में शामिल किया जाएगा।