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Uttarakhand: सामान्य बारिश में हुआ ये हाल, असामान्य हुई तो क्या होगा? 1000 करोड़ का नुकसान; 84 लोगों की मौत

Thu, 24 Aug 2023 04:54 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

Uttarakhand Weather News:  आईएमडी ने एक जून से 23 अगस्त के मध्य जितनी बारिश रिकाॅर्ड की है, वह अभी तक तो सामान्य ही है। चिंता की बात है कि इस सामान्य बारिश में भी उत्तराखंड को 1000 करोड़ की परिसंपत्तियों का नुकसान हो चुका है।
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बारिश से तबाही - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
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विस्तार
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उत्तराखंड में हो रही मूसलाधार बारिश को बेशक असामान्य तौर पर देखा जा रहा हो, लेकिन भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, अभी हो रही बारिश के तेवर सामान्य हैं। यानी सामान्य बारिश में उत्तराखंड का ये हाल है तो सामान्य से अधिक बारिश होने पर राज्य की क्या स्थिति हो सकती है।

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आईएमडी ने एक जून से 23 अगस्त के मध्य जितनी बारिश रिकाॅर्ड की है, वह अभी तक तो सामान्य ही है। चिंता की बात है कि इस सामान्य बारिश में भी उत्तराखंड को 1000 करोड़ की परिसंपत्तियों का नुकसान हो चुका है। विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं में अब तक 84 लोग मारे जा चुके हैं। नदियां उफान पर हैं, 253 मोटर मार्ग अवरुद्ध हैं और 91 पुलों को भारी क्षति पहुंची है।

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कुल मिलाकर अभी तक बारिश सामान्य

मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के निदेशक बिक्रम सिंह का कहना है कि मानसून सीजन के दौरान अभी तक सामान्य तौर पर होने वाली 904.20 मिमी बारिश के सापेक्ष 1019 मिमी बारिश रिकाॅर्ड की गई है। इस हिसाब से एक जून से 23 अगस्त तक 13 फीसदी अधिक बारिश हुई है। चूंकि सामान्य से 19 फीसदी अधिक तक बारिश को सामान्य की श्रेणी में लिया जाता है। इसलिए इसे सामान्य बारिश ही माना जाएगा।

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देहरादून, हरिद्वार, बागेश्वर और चमोली में अधिक बारिश

जिलावार देखें तो इस मानसून सीजन में बारिश ने सबसे ज्यादा कहर देहरादून, हरिद्वार, बागेश्वर और चमोली जिलों में बरपाया है। बागेश्वर में तो इस बार सामान्य से 178 प्रतिशत अधिक यानी अत्यधिक बारिश हो चुकी है। हरिद्वार जिले में सामान्य से 83 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है। जिले में जलभराव और बाढ़ के कारण सबसे गंभीर स्थिति है। चमोली जिले में 67 प्रतिशत तो देहरादून में 58 प्रतिशत बारिश सामान्य से अधिक हो चुकी है।

कई जिलों में सामान्य से भी कम बारिश

पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, अल्मोड़ा जिलों में सामान्य से कम बारिश रिकाॅर्ड की गई है। इन जिलों के अलग-अलग इलाकों में कहीं कम बारिश हुई है तो कहीं बहुत ज्यादा, जिससे वहां भूस्खलन, बाढ़, जलभराव की घटनाएं सामने आई हैं।

भारी बारिश के ये प्रमुख कारण

1. मानसून सिस्टम उत्तराखंड की तलहटी पर आ गया।
2. नमी वाली हवाओं का 90 डिग्री कोण में उत्तराखंड के ऊपर आना।
3. उत्तर पश्चिमी हवाओं का तेजी से बढ़ना।
4. जब ये तीनों कारण मिलते हैं तो डेढ़ से दो किमी के दायरे में मूसलाधार बारिश होती है।
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सामान्य से अत्यधिक बारिश वाले जिले

जिला      सामान्य दर     वास्तविक दर     वृद्धि प्रतिशत
बागेश्वर     560.9           1560.05           178
हरिद्वार     675.4            1236               83
चमोली     515.6             861.9              67

सामान्य से अधिक बारिश

जिला               सामान्य दर     वास्तविक दर     वृद्धि प्रतिशत
देहरादून            1017.3            1603.1               58
ऊधम सिंह नगर  773.2              1051.8              36
टिहरी गढ़वाल     661.5               938.8               42

सामान्य व सामान्य से कम

जिला            सामान्य दर     वास्तविक दर     वृद्धि प्रतिशत
पिथौरागढ़      1054.9             883.1                -16
चंपावत          902.6              768.0                -15
नैनीताल        1092.5             920                   -16
रुद्रप्रयाग       1106.5             982.3                 -11
उत्तरकाशी     829.4              831.3                   0
पौड़ी             860.6              767.1                 -11
अल्मोड़ा        560.9              545.0                  -3

जब मानसून का तलहटी में आना, नमी वाली हवाओं का सीधे कोण में ठहरना और उत्तर पश्चिमी हवाओं का तेजी से बढ़ना एक साथ मिलते हैं तो डेढ़ से दो किमी दायरे में भारी बारिश होती है। लेकिन उत्तराखंड में 23 अगस्त तक कुल मिलाकर बारिश का औसत सामान्य है।
- बिक्रम सिंह, निदेशक, मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून
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