पाठयक्रम में आपदा प्रबंधन को शामिल करने के निर्देश
सीएस ने प्राथमिक विद्यालय के स्तर से विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम आपदा प्रबंधन को शामिल करने के निर्देश दिए हैं। राज्य में भारी निर्माण निर्माण कार्यों पर चिंता व्यक्त की। सीएस ने उच्च आपदा जोखिम के दृष्टिगत चिह्नित गांवों में पुनर्वास की कार्ययोजना की स्थिति स्पष्ट करने को कहा। इसके अलावा राज्य में प्रत्येक वर्ष आपदा से मरने वाले लोगों के आंकड़ों की जानकारी मांगी। सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन कहा कि इस वर्ष 20 करोड़ रुपये की धनराशि व्यय की जा चुकी है। सीएस ने जिलाधिकारियों को सभी गांवों का आपदा जोखिम आंकलन करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव ने पंचायती राज विभाग को जीपीडीपी प्लान में गांवों का आपदा जोखिम आकलन शामिल करने के निर्देश दिए हैं। राज्य में आपदाओं के तहत सड़क हादसों में होने वाली सर्वाधिक मौतों पर चिंता व्यक्त की गई। उन्होंने क्रश बैरियर विशेषकर बांस के क्रश बैरियर लगाने जैसे इनोवेटिव प्रयासों को अपनाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव कहा कि उत्तराखंड ऐसा पहला राज्य है जहां पर राज्य, जिला, तहसील, पंचायत स्तर पर आईआरएस प्रणाली सक्रिय होने जा रही है। बैठक में गृह, सिंचाई, वन आदि विभाग के अधिकारी मौजूद थे।