फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड की नई खेल नीति का मसौदा तैयार: खेल प्रेमियों से मांगे थे सुझाव; 2036 तक ओलंपिक पदक का लक्ष्य

Thu, 20 Aug 2026 06:38 PM IST
Alka Tyagi बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

मसौदे में वर्ष 2036 तक मुक्केबाजी में ओलंपिक, एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेलों में पदक विजेता तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
विज्ञापन
उत्तराखंड की नई खेल नीति का मसौदा तैयार - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तराखंड की नई खेल नीति का मसौदा तैयार हो गया है। खेल विभाग ने इस नीति के लिए खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और आम जनता से 31 जुलाई तक सुझाव मांगे थे। नीति का उद्देश्य छह से 60 साल तक के खिलाड़ियों को हर चरण में सहयोग और मार्गदर्शन देना है। इसका लक्ष्य अवसरों के अभाव में किसी भी बालक या बालिका की खेल यात्रा को न रुकने देना है।

विज्ञापन


मसौदे में वर्ष 2036 तक मुक्केबाजी में ओलंपिक, एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेलों में पदक विजेता तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। मुक्केबाजी में ओलंपिक पदक जीतना पहला प्राथमिक लक्ष्य है। फुटबॉल, बैडमिंटन और एथलेटिक्स को राज्य के तीन अन्य प्राथमिकता वाले खेलों के रूप में स्थापित किया जाएगा।

इसका उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर लगातार पदक जीतना और हर राष्ट्रीय खेल में राज्य की टीम को पूर्ण प्रतिनिधित्व दिलाना है। नीति में एक जिला एक खेल को भी शामिल किया गया है। पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और पूर्व अपर खेल निदेशक धर्मेंद्र भट्ट ने कहा कि खेल विज्ञान संकाय को संविदा के बजाय स्थायी रूप से रखा जाना चाहिए। उन्होंने निदेशालय स्तर पर निगरानी समिति बनाने का भी सुझाव दिया, जो खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों का निरंतर मूल्यांकन करे। भट्ट ने कहा कि इससे खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों का बेहतर मूल्यांकन हो सकेगा।
विज्ञापन


एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी: रोमांच जारी, छह पदकों के साथ तालिका में शीर्ष पर भारत

विज्ञापन

योग अनिवार्य और खेल विश्वविद्यालय में वरीयता
नीति के मसौदे के अनुसार, प्रदेश के सभी राजकीय और अशासकीय स्कूलों में कक्षा एक से 12 वीं तक के विद्यार्थियों के लिए योग दैनिक अभ्यास के रूप में अनिवार्य होगा। इसे विद्यालयी समय-सारणी में शारीरिक साक्षरता गतिविधि के रूप में एकीकृत किया जाएगा, न कि अतिरिक्त विषय के रूप में। वहीं, राज्य के किसी भी खेल कॉलेज से 12वीं उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को उत्तराखंड खेल विश्वविद्यालय हल्द्वानी में प्रवेश पर वरीयता मिलेगी। खेल उपलब्धियों और शैक्षणिक अभिलेखों को संयुक्त रूप से प्रवेश संबंधी योग्यता पत्र के रूप में मान्य किया जाएगा।

एकीकृत खेल पोर्टल
नई खेल नीति में एक एकीकृत खेल पोर्टल का भी प्रस्ताव है। यह एक समेकित डिजिटल मंच होगा, जहां प्रदेश का प्रत्येक खिलाड़ी, प्रशिक्षक, अभिभावक और संस्था पंजीकरण कर सकेगी। इसके माध्यम से विभिन्न सेवाओं का लाभ प्राप्त किया जा सकेगा और लाभों के लिए आवेदन भी किया जा सकेगा। यह सुविधा मोबाइल पर हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध होगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें