योग अनिवार्य और खेल विश्वविद्यालय में वरीयता
नीति के मसौदे के अनुसार, प्रदेश के सभी राजकीय और अशासकीय स्कूलों में कक्षा एक से 12 वीं तक के विद्यार्थियों के लिए योग दैनिक अभ्यास के रूप में अनिवार्य होगा। इसे विद्यालयी समय-सारणी में शारीरिक साक्षरता गतिविधि के रूप में एकीकृत किया जाएगा, न कि अतिरिक्त विषय के रूप में। वहीं, राज्य के किसी भी खेल कॉलेज से 12वीं उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को उत्तराखंड खेल विश्वविद्यालय हल्द्वानी में प्रवेश पर वरीयता मिलेगी। खेल उपलब्धियों और शैक्षणिक अभिलेखों को संयुक्त रूप से प्रवेश संबंधी योग्यता पत्र के रूप में मान्य किया जाएगा।
एकीकृत खेल पोर्टल
नई खेल नीति में एक एकीकृत खेल पोर्टल का भी प्रस्ताव है। यह एक समेकित डिजिटल मंच होगा, जहां प्रदेश का प्रत्येक खिलाड़ी, प्रशिक्षक, अभिभावक और संस्था पंजीकरण कर सकेगी। इसके माध्यम से विभिन्न सेवाओं का लाभ प्राप्त किया जा सकेगा और लाभों के लिए आवेदन भी किया जा सकेगा। यह सुविधा मोबाइल पर हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध होगी।