नीति में चिह्नित ए और बी श्रेणी के क्षेत्रों में कृषि उत्पादों पर आधारित प्रसंस्करण उद्योगों को पांच साल तक मंडी शुल्क में प्रति वर्ष 50 प्रतिशत छूट दी जाएगी। इसके अलावा उद्योगों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणपत्र, ट्रेड मार्क, क्वालिटी मार्किंग, पेटेंट कराने के लिए अधिकतम एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
वित्तीय प्रोत्साहन के लिए राज्य व जिला स्तर बनेगी कमेटी
उद्योगों को दी जाने वाली वित्तीय प्रोत्साहन के लिए राज्य व जिला स्तर पर प्राधिकृत कमेटी गठित की जाएगी। इसमें राज्य स्तरीय कमेटी के अध्यक्ष उद्योग महानिदेशक होंगे। जिला स्तरीय कमेटी के अध्यक्ष संबंधित जिलाधिकारी होंगे। इसके अलावा शासन स्तर पर उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा जिसके अध्यक्ष सचिव उद्योग होंगे।