यहां बसाया जा सकता है नया जोशीमठ
जोशीमठ शहर के ठीक ऊपर कोटीबाग में उद्यान विभाग की करीब पांच हेक्टेयर भूमि है। इसी तरह मलारी रोड पर ढाक गांव में एनटीपीसी की भूमि मुहैया है। औली के समीप कोटी फार्म की भूमि के अलावा पीपलकोटी, गौचर, गैरसैंण तक सरकारी भूमि की तलाश की जा रही है। जोशीमठ में प्रभावित क्षेत्र के सभी मकानों का मेजरमेंट किया जा रहा है। इसके बाद पुनर्वास वाली जगह पर एक राय बनाई जाएगी।
डाटा बेस होगा तैयार
जोशीमठ शहर का हाईरेजुलेशन मैपिंग डाटा बेस तैयार किया जाएगा। जीएसआई इस काम को कर रहा है। संस्थान के निदेशक डॉ. प्रसुन जाना ने बताया कि अभी तक उनके पास एक बाई 10 हजार रेजुलेशन के मैप हैं, जबकि नई मैपिंग एक बाई एक हजार के रेजुलेशन पर की जाएगी। हाई रेजुलेशन मैप मिलने से जोशीमठ शहर में आपदा प्रबंधन के साथ नए जोशीमठ को बसाने में मदद मिलेगी।
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प्रभावित परिवारों के सुझाव पर ही सरकारी भूमि का चयन किया जाएगा। स्थानीय लोगों की ओर से भी भूमि का सुझाव दिया जा रहा, जो भूमि चयनित की जाएगी, वहां भूगर्भीय सर्वेक्षण कराया जाएगा, इसी के बाद वहां लोगों को बसाया जाएगा।
- हिमांशु खुराना, जिलाधिकारी, चमोली