अबकी 4400 करोड़ का लक्ष्य
वर्तमान वित्तीय वर्ष 2023-24 के राजस्व लक्ष्य 4000 करोड़ का है। इसके सापेक्ष 11% की वृद्धि की गई है। वित्तीय वर्ष 2024-2025 के लिए 4,440 करोड़ का लक्ष्य दिया गया है। राजस्व लक्ष्य बेशक बढ़ाया गया है, लेकिन दुकानों की प्रतिभूति दर में को वृद्धि नहीं की गई है।
देसी शराब में एफएल-टू
पहली बार ओवरसीज मदिरा की आपूर्ति के लिए थोक अनुज्ञापन का प्रावधान किया गया है। इससे कस्टम बांड से आने वाली ओवरसीज मदिरा के व्यापार को राजस्व हित में नियंत्रित किया जा सकेगा।
दुकानों का व्यवस्थापन लॉटरी से
मदिरा की दुकानों का दो चरणों में व्यवस्थापन होगा। लॉटरी में छूटी दुकानों का आवंटन पहले आओ और पहले पाओ के सिद्धांत पर किया जाएगा। नीति के तहत उन्हीं दुकानों का नवीनीकरण किया जाएगा, जिनकी कोई देनदारी नहीं है और प्रतिभूति सुरक्षित है। एक व्यक्ति को तीन से अधिक दुकानें नहीं मिलेंगी।