प्रदेश के नए पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी की छवि सबसे कड़क पुलिस अफसर के तौर पर है। उनके कार्यकाल में वह बेहद ईमानदार अफसरों में अग्रिम पंक्ति में गिने जाते हैं। अनुभव के आधार पर देखें तो अनिल रतूड़ी सबसे प्रबल दावेदार थे।
अनिल रतूड़ी का परिवार जनता की सेवा से जुड़ा है। उनकी शादी को 22 वर्ष हो गए हैं। उनकी पत्नी राधा रतूड़ी वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं। उनकी दो बेटियां हैं।
पुलिस महानिदेशक बनने वाले वह उत्तराखंड मूल के चौथे पुलिस अधिकारी हैं। डीजीपी बनने की पात्रता के लिहाज से देखें तो आईपीएस की 30 वर्ष की सेवा और एडीजी के तौर पर कम से कम पांच वर्ष का अनुभव होना चाहिए। डीजीपी अनिल रतूड़ी इस मामले में सबसे फिट थे।
लिहाजा, डीजीपी एमए गणपति के केंद्र में जाने की खबर के साथ ही उनकी दावेदारी पुख्ता हो गई थी। पुलिसिंग के मामले में डीजीपी अनिल रतूड़ी की छवि बेहद कड़क अफसर की है। जानकारी के मुताबिक वर्ष 2020 में उनका रिटायरमेंट होना है।