तीरथ सिंह रावत तीन भाई हैं। सबसे बड़े भाई जसवंत सिंह रावत पूर्व सैनिक हैं। वह पौड़ी के सीरों गांव में ही रहते हैं। दूसरे भाई कुलदीप सिंह रावत प्राइवेट सेक्टर में जॉब करते हैं। वह देहरादून के क्लेमेंटटाउन क्षेत्र में निवास करते हैं। वह 1985 से देहरादून में रह रहे हैं। तीनों में तीरथ सिंह रावत सबसे छोटे भाई हैं।
तीरथ सिंह रावत की एक बेटी लोकांक्षा रावत हैं। वह सेंट जोजेफ्स एकेडमी में 10वीं की छात्रा हैं। उन्होंने बताया कि वह सुबह अपनी मां के साथ परीक्षा देकर लौट रही थी।
इसी दौरान उन्हें प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए मुख्यमंत्री के तौर पर पिता तीरथ सिंह रावत का नाम घोषित किए जाने की जानकारी मिली। लोकांक्षा ने कहा कि मैं अपने पिता से कहूंगी कि बतौर मुख्यमंत्री जितना काम कर सकते हैं कीजिए। लोगों की समस्याओं का जितना समाधान कर सकते हैं कीजिए, क्योंकि नेता इसीलिए चुने जाते हैं।
अगर मुझे अपने पिता को कोई एक काम बताना हो तो मैं कहूंगी कि प्रदेश में बेरोजगारी को खत्म करने और रोजगार बढ़ाने के लिए काम करें।
उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की पत्नी डा. रश्मि त्यागी रावत को मंगलवार को ही आभास हो गया था कि कुछ बड़ा होने वाला है। तीरथ को कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है।
बुधवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने इसका खुलासा किया। उन्होंने कहा कि तीरथ बाहर से जितने शांत और गंभीर हैं, लेकिन अंदर से उतने ही सख्त भी हैं। वे अपने मृदु व्यवहार से विरोधियों को भी प्यार करना सिखा देंगे।
डा. रश्मि त्यागी रावत देहरादून के डीएवी पीजी कॉलेज में मनोविज्ञान की प्रोफेसर हैं। उन्होंने कहा कि मैं तीरथ को जिम्मेदारी देने के लिए केंद्रीय नेतृत्व का धन्यवाद करना चाहती हूं। तीरथ सिंह रावत का जैसा व्यक्तित्व है, विरोधी पार्टी के लोग भी उन्हें पसंद करेंगे। उन्होंने कहा कि मुझे पहले से ही अंदाजा था कि उनकी क्षमताओं और योग्यता को देखते हुए उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है।
जब सांसदों को बुलाया गया तो इसकी संभावना बढ़ गई। हालांकि, मुझे ये भी पता था कि इतना बड़ा पद देने से पहले कई तरह की गुणा भाग होते हैं। नेतृत्व को भी कई एंगल देखने पड़ते हैं। उन्होंने बताया कि मंगलवार रात उन्होंने मुझे संकेत भी दिया था। उन्होंने कहा कि कल कुछ हो सकता है। लेकिन तब मैंने उस पर ध्यान नहीं दिया।