उत्तराखंड में इसी माह राष्ट्रीय कृमि मुक्त कार्यक्रम और पल्स पोलियो प्रतिरक्षण कार्यक्रम चलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। 25 सितंबर से एक अक्तूबर तक प्रदेश में 1 से 19 आयु के बच्चों और किशोरों को एल्बेंडाजोल दवा खिलाई जाएगी। वहीं, 20 सितंबर को छह जिलों में पोलियो प्रतिरक्षण कार्यक्रम चलाया जाएगा। केंद्र सरकार के सर्वे के अनुसार प्रदेश में बच्चों में कृमि संक्रमण दर 68 प्रतिशत है।
सोमवार को स्टेट टास्क फोर्स की वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशक एवं अपर सचिव सोनिका व स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ.अमिता उप्रेती ने कृमि मुक्त और पोलियो अभियान की तैयारियों की समीक्षा की। एनएचएम मिशन निदेशक ने बताया कि 25 सितंबर से एक अक्तूबर तक प्रदेश में 43 लाख बच्चों और किशोरों को एल्बेंडाजोल दवा की गोलियां खिलाई जाएंगी। इस दौरान आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर दवा खिलाएंगी।
वहीं, पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान के तहत संवेदनशील हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल (ओखलकांडा, बेतालघाट, पद्मपुरी, कोटाबाग क्षेत्र छोड़कर), देहरादून (कालसी व चकराता ब्लाक को छोड़कर), चंपावत जिले के टनकपुर, पौड़ी जिले के कोटद्वार व लक्ष्मण झूला क्षेत्र में 10.94 बच्चों को पोलिया की दवा पिलाई जाएगी। इस मौके पर निदेशक एनएचएम डॉ.अंजलि नौटियाल समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।