मौजूदा स्थितियों में नगर निगम के निर्वाचित बोर्ड को अधिकतम दस लाख रूपये तक के निर्माण कार्य स्वीकृत करने का अधिकार है। निर्माण कार्य की लागत इससे जरा सी भी ज्यादा होने पर उसे मंजूरी के लिए शासन को भेजना पड़ता है। नगर आयुक्त, महापौर, कार्यकारिणी समिति के वित्तीय स्वीकृति के अधिकार तो दस लाख से भी कम है। निगमों के अधिकार बढ़ते हैं, तो फिर उसकी निर्भरता शासन पर कम होगी। विकास कार्यों के संबंध में बजट स्वीकृति में त्वरित निर्णय लिए जा सकेंगे।
अधिकार किसको कितने
पद वर्तमान स्थिति प्रस्तावित (रुपये में)
नगर आयुक्त पांच लाख 15 लाख
कार्यकारिणी समिति पांच लाख 50 लाख
बोर्ड 10 लाख एक करोड़
यूपी में किसको कितने अधिकार
नगर आयुक्त 10 लाख रुपये
कार्यकारिणी समिति 20 लाख रुपये
बोर्ड 30 लाख रुपये
-सरकार नगर निकायों की मजबूती के लिए गंभीरता से काम करने जा रही है। नगर निकायों को हर लिहाज से आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। वित्तीय अधिकार संबंधी प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है।
-मदन कौशिक, नगर विकास मंत्री, उत्तराखंड।
-नगर निगम दून के स्तर पर शासन को प्रस्ताव भेजा गया है, जिसमें नगर आयुक्त, मेयर, कार्यकारिणी और बोर्ड के वित्तीय अधिकार बढ़ाने की बात कही गई है। ऐसा न होने के कारण विकास कार्यों में दिक्कतें हो रही हैं।
-विजय जोगदंड, नगर आयुक्त, नगर निगम देहरादून।