तय हुआ कि उन सभी निगमों में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत एरियर का भुगतान होगा, जहां अभी तक इस संबंध आदेश जारी नहीं हुए हैं। महासंघ को आश्वस्त किया गया कि संबंधित संस्थाओं के प्रबंधन मंडल से प्रस्ताव मंगवाए जाएंगे।
साथ ही संशोधित कैरियर पदोन्नति योजना के तहत उत्तम और अति उत्तम की शर्त की बाध्यता को शिथिल करने का भी आश्वासन दिया गया। इस संबंध में कार्मिक विभाग अलग से आदेश जारी करेगा।
राज्य सरकार के कर्मचारियों की तरह निगम कार्मिकों की ग्रेच्युटी सीमा को 20 लाख रुपये करने का भी भरोसा दिया। महासंघ को यह आश्वासन दिया गया कि राज्य सरकार के कार्मिकों की तरह अटल आयुष्मान योजना का लाभ दिया जाएगा।
वार्ता में महासंघ की ओर से महासंघ के अध्यक्ष दिनेश गुसाईं, महासचिव वीएस रावत, विपिन बिजल्वाण, दिनेश पंत, अशोक कुमार, अनुराग नौटियाल, केपी सिंह, अश्वनी त्यागी, रामकुमार, ईश्वर पाल शर्मा, सुभाष नौडियाल, अरविंद सजवाण के अलावा शासन से प्रमुख सचिव उद्योग मनीषा, सचिव वित्त अमित सिंह नेगी, सचिव स्वास्थ्य नीतिश झा, अपर सचिव कार्मिक एसएस वल्दिया, अपर सचिव उद्योग उमेश नारायण पांडेय, अपर सचिव परिवहन हरि चंद्र सेमवाल समेत कई अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
इन मुद्दों पर 25 को बैठक
वार्ता में तय हुआ कि परिवहन निगम का शासन पर अवशेष भुगतान, पर्वतीय मार्गों निगम को हो रही हानि की प्रतिभूति शासनादेश के अनुरूप करने, 424 संविदा परिचालकों की भर्ती पर लगी रोक हटाने, संविदा चालकों की भर्ती करने, परिसंपत्तियों के बटवारे एवं कुमाऊं के अधिसूचित मार्गों पर प्राइवेट आपरेटरों को परमिट जारी करने की अधिसूचना निरस्त करने की मांग पर 25 जनवरी को सचिव परिवहन के साथ बैठक बुलाई गई है।