वेबसाइट पर होम स्टे की ऑनलाइन रेटिंग और रिव्यू की भी सुविधा होगी। मेक माई ट्रिप इंस्टाग्राम और ट्विटर के माध्यम से भी होम स्टे का प्रचार करेगा। उत्तराखंड के होम स्टे की करीब 12 लाख विजिटर्स तक पहुंच बन सकेगी। होम स्टे की दरों के हिसाब से प्रत्येक बुकिंग का वह 15 प्रतिशत कमीशन लेगी।
कमीशन की दरें तीन साल तक नहीं बढ़ाई जा सकेंगी। बंद हो गए स्कूलों को होम स्टे में बदले जाने की संभावना के संबंध में सचिव ने कहा कि ऐसा इस योजना के तहत संभव नहीं हो पाएगा। उन्होंने कहा कि होम स्टे में उसके स्वामी का वहां रहना और एक ही किचन से भोजन की व्यवस्था प्रावधान है।
मेक माई ट्रिप के उपाध्यक्ष रवि प्रकाश ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि होम स्टे की दरें उसके स्वामी अपने हिसाब से तय करेंगे। उन्हें मार्केट के उतार चढ़ाव के हिसाब से दरें तय करने की छूट होगी।
सचिव पर्यटन के मुताबिक, वेबसाइट होम स्टे स्वामी का क्षमता विकास भी करेगी। उन्हें आतिथ्य, व्यावसायिक प्रशिक्षण देने के साथ आनलाइन पंजीकरण करने के गुर भी सिखाएगी। साथ यह भी बताएगी कि उन्हें अपनी खूबियों के साथ होम स्टे की दरें किस तरह से तय करनी हैं? वह पर्यावरण संरक्षण का भी प्रशिक्षण देगी।
होम स्टे की रेटिंग को होगा सर्वे
जावलकर ने बताया कि होम दीन दयाल उपाध्याय होम स्टे योजना के तहत पंजीकृत होने वाले होम स्टे की बाकायदा रेटिंग होगी। इसके लिए एक सर्वे शुरू हो रहा है। इसके लिए एक एजेंसी का चयन करेंगे। ये एजेंसी होम स्टे की सुविधाओं और खूबियों के हिसाब से सत्यापन करेगी और गोल्ड, प्लेटिनम और सिल्वर की सूची में शामिल करेगी।
5000 का लक्ष्य 2100 रजिस्टर्ड और 77 को मिला लोन
ग्रामीण आर्थिकी को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई होम स्टे योजना में 5000 होम स्टे को रजिस्टर करने का लक्ष्य है। करीब डेढ़ वर्ष में 2100 होम स्टे पंजीकृत हो चुके हैं। होम स्टे में लोन और लैंड यूज में बदलाव को लेकर जो अड़चनें पैदा हो रही थीं, उन्हें दूर कर दिया गया है। अब तक 77 होम स्टे को लोन दिया जा चुका है और 150 होम स्टे के प्रस्ताव पाइप लाइन में हैं।
मसलन जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित चयन समिति के तहत चयनित होम स्टे की भूमि का लैंड यूज स्वत: बदल जाएगा। होटल प्रबंधन संस्थान के माध्यम से होम स्टे के प्रमोशन और संचालन की ट्रेनिंग दी जा रही है।