16 मार्च 2020 को दाखिल किया आरोप पत्र
मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश धर्म सिंह की अदालत में चला। पुलिस ने 16 मार्च 2020 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिए थे। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सौरभ ओझा ने नौ गवाहों को पेश किया।
न्यायाधीश ने बच्ची की मां निशा उर्फ नगमा को हत्या का दोषी और पिता विजय कुमार को मामले को छिपाने का दोषी पाया। अदालत ने निशा को धारा 302 व 201 में आजीवन कारावास और आठ हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। पिता विजय कुमार उर्फ गोविंद प्रसाद को धारा 201 के तहत चार साल की सजा और तीन हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।