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Uttarakhand Weather: मसूरी के भितरली गांव के पास फटा बादल, दो गोशालाएं बहीं, खेतों को नुकसान

Fri, 27 Aug 2021 10:18 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

उत्तराखंड में मैदान से लेकर पहाड़ तक अगले 24 घंटों में ज्यादातर इलाकों में भारी बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग के मुताबिक राजधानी देहरादून के अलावा नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में तेज बौछारों के साथ ही भारी बारिश की संभावना है।
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मसूरी में बादल फटने से तबाही - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मसूरी विधानसभा क्षेत्र के भितरली गांव के पास मजरा कडरियाना में शुक्रवार सुबह बादल फटा। दो गोशालाएं बह गईं, आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर भूस्खलन से सड़कें बंद हो गईं। मसूरी-दून मार्ग गलोगी धार के पास करीब 14 घंटे तक बंद रहा। खेतों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। 

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 स्थानीय निवासी अन्नु पुडींर के अनुसार बादल फटने से एक दर्जन से अधिक धान के खेत तबाह हो गए खेतों ने नालों का रूप ले लिया। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। वहीं, बृहस्पतिवार देर रात मसूरी-दून मार्ग बंद होने से पर्यटक परेशान रहे। कई लोग रात भर कोल्हूखेत और कुठाल गेट के आसपास के होटलों में रहने को मजबूर रहे। सड़क के दोनों ओर करीब 5 किमी लंबा जाम लग गया। कोल्हूखेत के पास भी बोल्डर आने से सड़क बंद रही।

उधर, बारलोगंज मार्ग, नाग मंदिर-हाथीपांव रोड पर कई जगह बोल्डर आए, छह जगह पेड़ गिरने से सड़क बंद रही।लोनिवि ने जेसीबी से रास्ता खोलने का प्रयास किया, लेकिन बार-बार पत्थर और मलबा आने से परेशानी हुई। वहीं, सड़क पर गिरे पेड़ों फायर अधिकारी शंकर चंद रमोला, मनोज कुमार, संदीप सिंह, अनुभव कुमार, सुरेन्द्र सिंह ने हटाकर यातायात बहाल कराया।  
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कई मकानों को खतरा
क्यारकुली गांव और कैंपटी के पास बंग्लो की कांडी गांव में भूस्खलन से आवासीय भवनों को खतरा हो गया। स्थानीय 
निवासी वीरेन्द्र सिंह रावत ने बताया कि भवन के पीछे भारी मात्रा में मलबा आने से घर के दो कमरों और किचन को खतरा बना हुआ है। वहीं, मसूरी के सिस्टर बाजार में भूस्खलन से लिंक मार्ग बंद हो गया। वहीं,  टीवी टावर को भी खतरा खड़ा हो गया है।

नासूर बनी गलोगीधार की पहाड़ी
लगातार होती बारिश से गलोगीधार की पहाड़ी नासूर बन गई है। शुक्रवार को दिनभर मलबा और बोल्डर गिरते रहे। इससे बार-बार मार्ग बंद होता रहा। लोनिवि को मार्ग खोलने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा। मार्ग पर लंबा जाम लग गया और सैंकड़ों पर्यटक वाहनों में फंसे रहे। वहीं, काल्हूखेत के पास एक वाहन पर बोल्डर गिर गया। हादसे में पर्यटक बाल-बाल बच गया।

भारी बारिश का अलर्ट
उत्तराखंड में मैदान से लेकर पहाड़ तक अगले 24 घंटों में ज्यादातर इलाकों में भारी बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग के मुताबिक राजधानी देहरादून के अलावा नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में तेज बौछारों के साथ ही भारी बारिश की संभावना है। इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जहां तक राजधानी दून व आसपास के इलाकों का सवाल है तो जिले भर में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग के मुताबिक राज्य के कई जिलों में तेज गर्जना के साथ ही आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है। 

दून पर बारिश का दोतरफा वार

मौसम के बदले मिजाज के चलते बृहस्पतिवार देर शाम से शुक्रवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश ने राजधानी पर दोतरफा वार किया। मलबा आने  से एक ओर मसूरी मार्ग 18 घंटे तक बंद रहा वहीं रानीपोखरी में जाखन नदी पर 57 साल पुराने पुल के दो हिस्से टूटकर बहने से ऋषिकेश समेत गढ़वाल से सड़क संपर्क टूट गया। प्रशासन ने रूट डायवर्ट किया तो दून से ऋषिकेश पहुंचने के लिए लोगों को 37 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ी। जिला आपदा प्रबंधन की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले चौबीस घंटे में बारिश से तीन राष्ट्रीय राजमार्ग समेत 21 मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए । 

पूरी राहत पहाड़ों की रानी मसूरी और सहस्रधारा इलाके में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। रायपुर- मालदेवता- कुमाल्डा- चंबा मार्ग जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गया, वहीं दर्जनों गांवों का आपस में संपर्क टूट गया। सहस्रधारा- मसूरी-खेरी-मानसिंह मार्ग का 20 मीटर हिस्सा बह गया। इससे इस मार्ग पर हजारों की संख्या में वाहन फंस गए। सूचना पर अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह हालात संभाले। वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से रवाना किया। 

मसूरी में लगाए गए ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन में 251 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। मौसम विभाग के मुताबिक शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे तक सहस्रधारा में 139 मिमी बारिश हुई। सहस्रधार में शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे के बाद शाम तक 8.5 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। इसके अलावा जौलीग्रांट में 94.6 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। जहां तक राजधानी देहरादून का सवाल है तो दून में 17.5 मिमी बारिश हुई। 

शहर में देर शाम मूसलाधार बारिश 
राजधानी दून में दिन भर हल्की बूंदाबांदी होती रही लेकिन देर शाम कई इलाकों में मूसलाधार बारिश हुई। प्रमुख चौराहों पर जबरदस्त जलभराव हो गया। गल्जवाड़ी, डाकरा गढ़ी, घंघोरा कैंट, मयूरी विहार, कंडोली, सालावाला, गोविंदगढ़, बसंत विहार, इंदिरानगर, जीएमएस रोड, नेहरू कालोनी, धर्मपुर, राजेंद्र नगर, टीचर्स कालोनी, सरस्वती विहार, केवल बिहार, सुमननगर, नीलकंठ विहार, पंडितबाड़ी, गांधी रोड, आईएसबीटी , किशननगर, राजेंद्रनगर, त्यागी रोड, पटेलनगर, डालनवाला समेत ज्यादातर इलाकों में जलभराव ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। 

रिस्पना और बिंदाल किनारे बसी बस्तियों के लोग दहशतजदा 
रिस्पना और बिंदाल जैसी नदियों के किनारे बसी दो दर्जन से अधिक बस्तियों के लोगों की सांसें भी अटकी रहीं। दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ने से बस्तियों के लोग पूरी रात जागते रहे। 

यह मार्ग हुए क्षतिग्रस्त
सहस्रधारा-कार्लीगाड संपर्क मार्ग, सहस्रधारा-मझाडा मार्ग, देहरादून- सहस्रधारा मार्ग, मालदेवता- सेरकी सिल्ला, पीपीसीएल- सरोना मार्ग, बाड़वाला- जुड्डो मार्ग, लांघा से बिनार मटोगी मार्ग, यमुना पुल- हाथी पांव मार्ग, फूूलेथ से क्यारा मार्ग, होरावाला- कोटी - ढलानी मार्ग, हरबर्टपुर से बड़कोट मोटरमार्ग, मसूरी- नई टिहरी मार्ग,   समेत दो दर्जन से अधिक सड़कें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। परिणामस्वरूप इन मार्गो पर यातायात बाधित हो गया है। जिलाधिकारी डॉ आर राजेश कुमार ने क्षतिग्रस्त मार्गों की जल्द मरम्मत करने का आदेश दिया है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की देखरेख में मार्गो की मरम्मत का काम जारी है। ।
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बारिश से इलाकों का कैबिनेट मंत्री ने लिया जायजा

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने जिला प्रशासन व पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के साथ मसूरी व सहस्रधारा क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के चलते हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने क्षतिग्रस्त सहस्त्रधारा-मालदेवता मुख्य मार्ग का निरीक्षण करने के साथ ही धनौला, इन्द्रा कॉलोनी, पथरिया पीर एवं बद्रीनाथ कॉलोनी में हुए नुकसान का भी जायजा लिया। 

कैबिनेट मंत्री ने स्थानीय लोगों से को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग के अधिकारियों को क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवार का निर्माण तत्काल शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारी को दूरभाष पर निर्देशित किया कि बिंदाल नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण इससे सटे क्षेत्रों में जलभराव से हुए नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट तैयार की जाए। ताकि, प्रभावितों को त्वरित राहत उपलब्ध करायी जा सके। निरीक्षण दौरान उपजिलाधिकारी गोपाल राम बिनवाल, अरविंद तोपवाल, वीर सिंह, मुकेश नेगी, सुनील चमोली, राजेंद्र सिंह चौहान, आनंद पयाल, मनोज पयाल, गोविंद भंडारी, शांति प्रसाद, चन्द्रमणि, शिवराम मौजूद रहे। 
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