फूलों की घाटी का रास्ता पर्यटकों की आवाजाही के लिए मंगलवार दोपहर को खोल दिया गया है। मंगलवार को 429 पर्यटक फूलों की घाटी पहुंचे हैं। बता दें कि रविवार रात को हुई भारी बारिश से फूलों की घाटी का रास्ता जगह-जगह बंद हो गया था। यहां एक पुलिया भी बह गई थी, जिसे अब सुधार लिया गया है।
खचड़ा नाला में दो घंटे बंद रहा बदरीनाथ हाईवे
बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ भूस्खलन क्षेत्र के ट्रीटमेंट के बाद अब खचड़ा नाला परेशानी का सबब बनता जा रहा है। आए दिन यहां भूस्खलन से हाईवे बाधित हो रहा है। मंगलवार को भी पहाड़ी से बोल्डर और मलबा आने से हाईवे पर करीब दो घंटे तक यातायात बाधित रहा। इससे सेना के जवानों के साथ ही स्थानीय लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
लामबगड़ से करीब सौ मीटर पहले खचड़ा नाले में बार-बार हो रहे भूस्खलन से यातायात बाधित हो रहा है। मंगलवार को सुबह सात बजे अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में भूस्खलन हो गया। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की मशीनों के जरिये बोल्डर और मलबे का निस्तारण किया गया, तब जाकर सुबह नौ बजे यातायात बहाल हुआ। बीआरओ के कमांडर कर्नल मनीष कपिल का कहना है कि खचड़ा नाला के समीप पहाड़ी से लगातार भूस्खलन होने से हाईवे को सुचारु रखना मुश्किल बना हुआ है। यहां दो मशीनें तैनात की गई हैं। हाईवे को सुचारू रखने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।
बदरीनाथ हाईवे की हालत खराब
रुक-रुककर हो रही बारिश से बदरीनाथ हाईवे की स्थिति बेहद खराब हो गई है। गौचर बाजार से करीब एक किलोमीटर पहले हाईवे का करीब 50 मीटर हिस्सा पूरी तरह से धंस गया है। यहां अलकनंदा नदी के कटाव से भू-धंसाव हो रहा है। चटवा पीपल, देवलीबगड़, सोनला, प्रथाडीप, क्षेत्रपाल, छिनका, बिरही, कौड़िया, पागलनाला, गुलाबकोटी के अलावा मारवाड़ी से विष्णुप्रयाग, खचड़ा नाला, लामबगड़ नाला, बैनाकुली और रड़ांग बैंड के समीप हाईवे पर भू-धंसाव और भूस्खलन हो रहा है। बीआरओ और एनएचआईडीसीएल के लिए हाईवे को सुचारु रखना चुनौती बना हुआ है।