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Uttarakhand Monsoon Session: अनुपूरक बजट और नौ विधेयक पास, डेढ़ दिन में 2 घंटे 40 मिनट ही चली सदन की कार्यवाही

Wed, 20 Aug 2025 05:11 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

Uttarakhand Monsoon Session 2025: पहले दिन भी विपक्ष के हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही आठ बार स्थगित करनी पड़ी थी। सिर्फ एक घंटा 45 मिनट ही सदन चला था।  
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सदन के बाद जाते सीएम और विधानसभा अध्यक्ष - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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विस्तार
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विधानसभा के मानसून सत्र में दूसरे दिन भी विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। शोरगुल के बीच 5315 करोड़ का अनुपूरक बजट और आठ विधेयक पारित हो गए। इस दौरान डेढ़ दिन में 2 घंटे 40 मिनट ही सदन की कार्यवाही चली। इसके साथ ही दूसरे ही दिन सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।

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बुधवार को सुबह 11 बजे सत्र की शुरुआत हुई। विपक्ष ने वेल में आकर हंगामा व नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्ष नियम 310 के अंतर्गत कानून व्यवस्था पर चर्चा की मांग पर अड़ा रहा। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने नारेबाजी और विधानसभा सचिव की मेज पर किताबें पटक रहे विपक्ष से शांतिपूर्वक प्रश्नकाल चलाने का आग्रह किया लेकिन विपक्ष ने विरोध जारी रखा। इसके चलते विधानसभा अध्यक्ष ने 15 मिनट के लिए सदन की कार्यवाही 11:20 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इसके बाद दोबारा कार्यवाही शुरू हुई लेकिन विपक्ष का शोरगुल जारी रहा। इस पर विस अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोबारा 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। फिर विस अध्यक्ष ने विपक्ष से प्रश्नकाल चलने का अनुरोध किया लेकिन वे नहीं माने। विपक्ष के न मानने पर फिर से सदन की कार्यवाही 12:30 और फिर 12:40 बजे तक स्थगित कर दी गई।

सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई और विपक्ष के शोर शराबे के बीच संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल ने विभिन्न विभागों की वार्षिक रिपोर्ट व प्रतिवेदन सदन पटल पर रखे। इसके बाद बिना चर्चा विभागवार 5315 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट 2025-26 ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। अनुपूरक बजट समेत आठ विधेयक पारित किए गए। इसके बाद संसदीय कार्यमंत्री के प्रस्ताव पर सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। 
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Uttarakhand: धर्मांतरण कानून सख्त...अब डिजिटल माध्यम से धर्म परिवर्तन कराने पर भी होगी सजा, सदन में विधेयक पेश

अनुपूरक बजट व नौ विधेयक पारित

विभागवार बजट अनुदान
न्याय विभाग 5.66 करोड़
निर्वाचन विभाग 22.35 करोड़
राजस्व एवं सामान्य प्रशासन 402.22 करोड़
वित्त एवं नियोजन 321.13 करोड़
आबकारी विभाग 7.16 करोड़
लोक सेवा आयोग 7.50 लाख
पुलिस एवं जेल विभाग 103.50 करोड़
शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण 575.83 करोड़
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा 333.75 करोड़
पेयजल विभाग             818.34करोड़
सूचना विभाग 122.69 करोड़
समाज कल्याण 133.28 करोड़
श्रम एवं रोजगार 3.02 करोड़
कृषि विभाग            121.90 करोड़
सहकारिता विभाग 2.33 करोड़
ग्राम्य विकास विभाग 99.90 करोड़
सिंचाई विभाग 42.92 करोड़
ऊर्जा विभाग 160.63 करोड़
लोक निर्माण 1181.02 करोड़
उद्योग विभाग 11.09 करोड़
परिवहन विभाग 202.33 करोड़
खाद्य विभाग 44.58 करोड़
पर्यटन विभाग 33.19 करोड़
 

ये विधेयक पारित

उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक-2025
उत्तराखंड लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक-2025
उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश श्री बदरीनाथ श्री केदारनाथ) मंदिर अधिनियम 1939 (संशोधन) विधेयक-2025
उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता एवं विधि विरुद्ध प्रतिषेध (संशोधन) विधेयक-2025
उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक-2025
उत्तराखंड साक्षी संरक्षण (निरसन) विधेयक-2025
समान नागरिक संहिता उत्तराखंड (संशोधन) विधेयक-2025
उत्तराखंड पंचायती राज (संशोधन) विधेयक-2025
उत्तराखंड विनियोग विधेयक 2025-26
 

इन विभागों की वार्षिक रिपोर्ट पटल पर रखी

-उत्तराखंड भूसंपदा नियामक प्राधिकरण रेरा की वार्षिक प्रतिवेदन रिपोर्ट
-उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड की 2023-24 की वार्षिक प्रतिवेदन रिपोर्ट
-उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड की 2021-22 की वार्षिक रिपोर्ट
-उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग की अधिसूचित विनियमनों का संकलन रिपोर्ट

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पेपरलैस विधानसभा में खूब उछले पेपर

पहली बार भराड़ीसैंण विधानसभा का सत्र वैसे तो पेपरलैस प्रणाली पर आयोजित किया गया। विपक्ष ने सदन के भीतर पेपर खूब फाड़े भी और खूब उछाले भी। सदन की कार्यवाही स्थगित हुई तो पूरी वेल में पेपर ही पेपर पड़े नजर आए।

सदन को चलाने के लिए हमारी तरफ से पूरा प्रयास किया गया। इसके लिए मैंने स्वयं विपक्ष के विधायकों से दो बार बातचीत की कि सदन में इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है। प्रदेश के विकास और जनहित के मुद्दों को सदन में उठाकर उन पर चर्चा करें लेकिन विपक्ष का जिस तरह से सदन की गरिमा के विपरीत व्यवहार रहा है, उससे मैं आहत हुई हूं।
-ऋतु खंडूड़ी भूषण, विधानसभा अध्यक्ष

विपक्ष की ओर से प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा की मांग की जा रही थी लेकिन सरकार अपनी जिम्मेदारियों और जवाबदेही से बचना चाहती है। सत्र को दो दिन में ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। कांग्रेस अब आगे की रणनीति बनाएगी।
-यशपाल आर्य, नेता प्रतिपक्ष

सरकार सदन में विपक्ष के हर सवाल का जवाब मजबूती से देने को तैयार थी लेकिन विपक्ष ने नारेबाजी व हंगामा कर सदन को संचालित नहीं होने दिया। तोड़फोड़ पर उतारू हो गए थे। विपक्ष को जनता के मुद्दों या प्रदेश के विकास पर चर्चा से कोई सरोकार नहीं है।
-सुबोध उनियाल, संसदीय कार्यमंत्री
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