अनुपूरक बजट व नौ विधेयक पारित
विभागवार बजट अनुदान
न्याय विभाग 5.66 करोड़
निर्वाचन विभाग 22.35 करोड़
राजस्व एवं सामान्य प्रशासन 402.22 करोड़
वित्त एवं नियोजन 321.13 करोड़
आबकारी विभाग 7.16 करोड़
लोक सेवा आयोग 7.50 लाख
पुलिस एवं जेल विभाग 103.50 करोड़
शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण 575.83 करोड़
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा 333.75 करोड़
पेयजल विभाग 818.34करोड़
सूचना विभाग 122.69 करोड़
समाज कल्याण 133.28 करोड़
श्रम एवं रोजगार 3.02 करोड़
कृषि विभाग 121.90 करोड़
सहकारिता विभाग 2.33 करोड़
ग्राम्य विकास विभाग 99.90 करोड़
सिंचाई विभाग 42.92 करोड़
ऊर्जा विभाग 160.63 करोड़
लोक निर्माण 1181.02 करोड़
उद्योग विभाग 11.09 करोड़
परिवहन विभाग 202.33 करोड़
खाद्य विभाग 44.58 करोड़
पर्यटन विभाग 33.19 करोड़
ये विधेयक पारित
उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक-2025
उत्तराखंड लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक-2025
उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश श्री बदरीनाथ श्री केदारनाथ) मंदिर अधिनियम 1939 (संशोधन) विधेयक-2025
उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता एवं विधि विरुद्ध प्रतिषेध (संशोधन) विधेयक-2025
उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक-2025
उत्तराखंड साक्षी संरक्षण (निरसन) विधेयक-2025
समान नागरिक संहिता उत्तराखंड (संशोधन) विधेयक-2025
उत्तराखंड पंचायती राज (संशोधन) विधेयक-2025
उत्तराखंड विनियोग विधेयक 2025-26
इन विभागों की वार्षिक रिपोर्ट पटल पर रखी
-उत्तराखंड भूसंपदा नियामक प्राधिकरण रेरा की वार्षिक प्रतिवेदन रिपोर्ट
-उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड की 2023-24 की वार्षिक प्रतिवेदन रिपोर्ट
-उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड की 2021-22 की वार्षिक रिपोर्ट
-उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग की अधिसूचित विनियमनों का संकलन रिपोर्ट
पेपरलैस विधानसभा में खूब उछले पेपर
पहली बार भराड़ीसैंण विधानसभा का सत्र वैसे तो पेपरलैस प्रणाली पर आयोजित किया गया। विपक्ष ने सदन के भीतर पेपर खूब फाड़े भी और खूब उछाले भी। सदन की कार्यवाही स्थगित हुई तो पूरी वेल में पेपर ही पेपर पड़े नजर आए।
सदन को चलाने के लिए हमारी तरफ से पूरा प्रयास किया गया। इसके लिए मैंने स्वयं विपक्ष के विधायकों से दो बार बातचीत की कि सदन में इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है। प्रदेश के विकास और जनहित के मुद्दों को सदन में उठाकर उन पर चर्चा करें लेकिन विपक्ष का जिस तरह से सदन की गरिमा के विपरीत व्यवहार रहा है, उससे मैं आहत हुई हूं।
-ऋतु खंडूड़ी भूषण, विधानसभा अध्यक्ष
विपक्ष की ओर से प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा की मांग की जा रही थी लेकिन सरकार अपनी जिम्मेदारियों और जवाबदेही से बचना चाहती है। सत्र को दो दिन में ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। कांग्रेस अब आगे की रणनीति बनाएगी।
-यशपाल आर्य, नेता प्रतिपक्ष
सरकार सदन में विपक्ष के हर सवाल का जवाब मजबूती से देने को तैयार थी लेकिन विपक्ष ने नारेबाजी व हंगामा कर सदन को संचालित नहीं होने दिया। तोड़फोड़ पर उतारू हो गए थे। विपक्ष को जनता के मुद्दों या प्रदेश के विकास पर चर्चा से कोई सरोकार नहीं है।
-सुबोध उनियाल, संसदीय कार्यमंत्री