फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विधायक नेगी प्रकरण: नैनीताल हाईकोर्ट ने दी महेश नेगी को राहत, डीएनए सैंपलिंग पर लगाई रोक

Mon, 11 Jan 2021 04:54 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
विज्ञापन
नैनीताल हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला (File Photo)
विज्ञापन

नैनीताल हाईकोर्ट ने विधायक महेश नेगी को राहत देते हुए डीएनए सैम्पलिंग के लिए कोर्ट में पेशी के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के बाद फिलहाल उस पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने सरकार व विपक्षियों को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई 13 जनवरी को होगी।

विज्ञापन


मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) कोर्ट देहरादून ने दुष्कर्म के आरोपी महेश नेगी को डीएनए के लिए ब्लड सैंपल देने के आदेश दिए थे। उन्हें देहरादून सीजेएम कोर्ट में उपस्थित होना था। लेकिन वह पेश नहीं हुए। उन्होंने कोर्ट में न पेश होने के कारण खुद का बीमार होना बताया। जिसके बाद अब 11 जनवरी को विधायक महेश नेगी, पीड़िता और उसकी बेटी को बुलाया गया था।

इसके लिए दून अस्पताल प्रबंधन को भी डीएनए सैंपल के लिए टीम भेजने के आदेश कोर्ट ने दिए थे। पीड़िता का दावा है कि उसकी बेटी के जैविक पिता विधायक महेश नेगी ही हैं। वर्तमान में इस मुकदमे की विवेचना महिला थाना श्रीनगर के द्वारा की जा रही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

महेश नेगी के खिलाफ दुष्कर्म का आरोप

विधायक महेश नेगी के खिलाफ एक महिला ने दुष्कर्म का आरोप लगाया था। इस मामले में पुलिस ने पीड़िता की ओर से मुकदमा दर्ज नहीं किया था। ऐसे में पीड़िता ने कोर्ट में शिकायत की। इसके बाद नेहरू कॉलोनी में विधायक महेश नेगी व उनकी पत्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।

पीड़िता का आरोप है कि विधायक ने देश के कई शहरों में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया है। इससे उनकी एक बेटी भी पैदा हुई है। पीड़िता का दावा है कि उसने बेटी का डीएनए टेस्ट कराया था, जिसमें महेश नेगी ही उसके जैविक पिता होने की पुष्टि हुई थी। 

हालांकि, यह डीएनए रिपोर्ट पुलिस को नहीं मिली थी। पीड़िता के वकील एडवोकेट एसपी सिंह ने बताया कि उन्होंने विधायक के डीएनए टेस्ट कराने के लिए सीजेएम कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया था। इस मामले में सुनवाई करते हुए सीजेएम कोर्ट ने आदेश पारित किए थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें