बताया जा रहा है कि ट्रेक पर गए इन चारों लोगों के पास भोजन भी नहीं था। ऐसे में इन्हें जल्द से जल्द खोज निकालना रेस्क्यू टीमों के लिए चुनौती था।
धुएं से भी नहीं हुआ अंदाजा
मोबाइल पर टीम ने इन दोस्तों को आग जलाने को कहा गया, ताकि धुएं से उनकी लोकेशन पता की जा सके। लेकिन घने जंगल में धुएं से भी कोई अंदाजा नहीं लगाया जा सका था।
तीन दिन से जारी थी तलाश
देहरादून निवासी हिमांशु और जितेंद्र भंडारी तथा नैनीताल निवासी मोहित भट्ट और जगदीश बिष्ट केदारनाथ पहुंचे थे। 13 जुलाई को मंदिर में दर्शन के बाद ये चारों दोस्त वासुकीताल के लिए रवाना हो गए थे। लेकिन उसी देर शाम तक त्रियुगीनारायण नहीं पहुंचने पर इनके अन्य साथी ने सोनप्रयाग पुलिस को मामले की जानकारी दी थी। जिसके बाद 14 जुलाई से इनकी खोजबीन शुरू की गई थी।