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हरीश कैबिनेट में सब कुछ ठीक नहीं, यशपाल आर्य ने लौटाया विभाग

Thu, 11 Aug 2016 08:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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यशपाल आर्य - फोटो : अमरउजाला
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मंत्रिमंडल में दो कैबिनेट मंत्रियों को शामिल करने को लेकर सरकार और कांग्रेस पार्टी में उपजा विवाद ठीक से शांत भी नहीं हो पाया था कि विभागों के बंटवारे को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। काबीना मंत्री यशपाल आर्य ने आपदा प्रबंधन विभाग सीएम को लौटाकर उसकी जगह भारी भरकम विभाग मांगा है।
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दूसरी ओर सीएम का कहना है कि इस मुद्दे पर आर्य से उनकी बात हुई है। कई विभागों की जिम्मेदारी होने का हवाला देकर उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग किसी और को सौंपने की बात कही है। हालांकि सरकार और संगठन से जुडे़ सूत्र मानते हैं कि काबीना मंत्री यशपाल आर्य की यह दबाव की राजनीति है।

बता दें कि पिछले दिनों कैबिनेट में नवप्रभात और राजेंद्र सिंह भंडारी को शामिल करने के साथ ही सीएम रावत ने नए मंत्रियों को विभागों का बंटवारा करते हुए काबीना मंत्री यशपाल आर्य को आपदा प्रबंधन और पीडीएफ कोटे के मंत्री दिनेश धनै को चिकित्सा शिक्षा का अतिरिक्त प्रभार सौंपा था।
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पर्यटन मंत्री दिनेश धनै तो चिकित्सा शिक्षा का पदभार संभाल लिया, लेकिन यशपाल आर्य ने अब तक पदभार नहीं संभाला। जब कई दिन गुजर गए तो इसके राजनीतिक मायने निकाले जाने लगे।
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मन माफिक विभाग न मिलने से नाराज थे आर्य

yahspal arya
राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चाएं शुरू हो गईं कि आर्य मन मुताबिक विभाग नहीं मिलने से नाराज है। इस बात की भी चर्चाएं रहीं कि वह आपदा प्रबंधन विभाग लौटा देंगे। आखिरकार वही हुआ।

काबीना मंत्री आर्य ने यह तर्क देते हुए आपदा प्रबंधन विभाग की जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया कि उनके पास कई विभागों की जिम्मेदारी पहले से है। ऐसे में मुख्यमंत्री आपदा प्रबंधन की जिम्मेदारी किसी और को सौंप दें।

आपदा प्रबंधन की जिम्मेदारी न लेने को लेकर कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। जबकि सीएम हरीश रावत पूरे प्रकरण पर पर्दा डालते हुए इसके कोई राजनीतिक मायने न निकाले जाने की बात कहते हैं। उनकी मानें तो आर्य ने कई विभागों की जिम्मेदारी होने के चलते आपदा प्रबंधन की जिम्मेदारी लेने से मना किया है। जबकि हकीकत यह है कि विभागों के बंटवारे को लेकर कुछ न कुछ राजनीतिक खिचड़ी पक जरूर रही है।
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