प्रदेश में डबल इंजन की सरकार के मंत्री दिल्ली में इमदाद के लिए केंद्रीय मंत्रियों की परिक्रमा कर रहे हैं, लेकिन सरकारी महकमों का हाल इतना खराब है कि जो धन जारी हो चुका है, उसे भी कायदे से खर्च नहीं कर पा रहे हैं।
पिछले दिनों वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने केंद्रीय वित्तीय मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात कर विभिन्न केंद्रीय योजनाओं की अवशेष राशि के तौर पर 3435 करोड़ रुपये जारी करने की डिमांड की थी। इसके अलावा सरकार के मंत्री अपने विभागों से संबंधित केंद्रीय योजनाओं के मद में ज्यादा से ज्यादा बजट जारी करने के लिए दिल्ली दौड़ रहे हैं।
मगर तस्वीर का दूसरा पहलू यह है कि केंद्र इस वित्तीय वर्ष में विभिन्न योजनाओं में करीब 3291 करोड़ रुपये की राशि जारी की है, उसमें से विभाग अब तक 1368 करोड़ रुपये खर्च नहीं कर पाए हैं। सरकार के लिए चिंता की बात यह है कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अब मुश्किल से तीन माह का वक्त शेष है। ऐसा इसलिए है क्योंकि कुछ विभागों ने केंद्र पोषित योजनाओं में राज्य के हिस्से की पर्याप्त वित्तीय स्वीकृतियां जारी नहीं की है, जबकि सरकार ने इसका पहले से बजटीय प्रावधान कर रखा है।