मंत्री ने कहा कि संबंधित अधिकारी पर टिहरी और उत्तरकाशी जिलों में भी कई तरह की गड़बड़ी के आरोप हैं। बताया कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ कई तरह की शिकायत थीं। जिन्हें गंभीरता से लिया गया।
कहा कि आरोपी अधिकारी के खिलाफ शासन स्तर पर कई बार कार्रवाई के आदेश हो चुके हैं, लेकिन आरोपी का कुछ इस तरह का प्रभाव रहा है कि अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। मंत्री ने बताया कि जांच बैठाने के साथ ही आरोपी महिला अधिकारी की एकमुश्त सीआर (चरित्र प्रविष्टियों) को भी निरस्त कर दिया गया है।
मेरे बारे में जो कहा जा रहा है वह गलत है। मैं विभाग में पहली ऐसी अधिकारी हूं जिसे प्रमोशन मिला है। रही छुट्टी की बात तो वह मंजूर हो चुकी है। जबकि नमक प्रकरण में मुझे क्लीन चिट मिल चुकी है। विभागीय मंत्री की ओर से मेरे बारे में पहले भी लिखा गया था। ऐसा नहीं है कि विभाग में मैं ऐसी पहली अधिकारी हूं जिसे परेशान किया जा रहा है, कुछ अन्य अधिकारियों को भी इसी तरह से परेशान किया जा रहा है। कुछ अधिकारी तो विभाग तक छोड़ चुकी हैं। लेकिन मेरे सामने समस्या यह है कि मैं विभाग छोड़कर कहां जाऊं।
- सुजाता सिंह, डिप्टी डायरेक्टर महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग