उन्होंने सचिव शहरी विकास नितेश झा को एक आदेश जारी किया, जिसमें कहा गया कि 17 जुलाई को 34 जो ईओ, प्रभारी ईओ के तबादले किए गए थे। उन्हें तत्काल रद्द किया जाता है। जिसके बाद शासन हरकत में आया। दोपहर बाद अपर सचिव एवं निदेशक शहरी विकास विनोद गिरी गोस्वामी ने इन सभी तैनातियों का आदेश रद्द कर दिया।
उधर, उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने मंत्री के इस फैसले की सराहना करते हुए मांग उठाई है कि ईओ के जो भी पद रिक्त हैं, उन पर भर्ती का अधियाचन तुरंत राज्य लोक सेवा आयोग को भेजा जाए। ताकि युवाओं को मौका मिल सके।