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उत्तराखंड की ये दवाएं टेस्ट में हुईं फेल

Wed, 16 Apr 2014 02:10 PM IST
प्रवेश कुमारी/अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की कई दवाएं गुणवत्ता के मानकों पर खरी नहीं उतरी हैं। इनके खिलाफ सेंट्रल ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल आर्गेनाइजेशन (सीडीएससीओ) के नई दिल्ली कार्यालय की तरफ से अलर्ट जारी किया गया है।
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उत्तराखंड में जिन चार फर्मों की दवाएं कसौटी पर फेल हुई हैं, उनमें दो फर्म रुड़की (हरिद्वार), जबकि दो फर्म काशीपुर (ऊधमसिंह नगर) में स्थित हैं।

सीडीएससीओ की नजर टेढ़ी
रुड़की की एप्पल फार्मूलेशंस की ओफोक्सो-ओजेड सस्पेंशन और जीएस फार्मास्यूटिकल्स की सीसी-जीओ एनएफ टैबलेट्स पर सीडीएससीओ की नजर टेढ़ी हुई है, जबकि काशीपुर की क्रिएटिव हेल्थ केयर की जेंकल टैबलेट्स और एरेगान रिमेडीज के आरएबी जेंटा इंजेक्शन के नाम इस सूची में दर्ज हैं।

उत्तराखंड के अलावा पड़ोसी राज्य हिमाचल की कई फर्मों की दवाएं क्वालिटी मानकों पर खुद को खरा नहीं साबित कर सकीं।

पांवटा साहिब की लैबोरेट फार्मास्यूटिकल्स इंडिया की रेनिटिडिन टैबलेट्स समेत ओफ्लाक्सेसिन एंड आरनिडेजोल सस्पेंशंस इस कसौटी पर खरी नहीं उतरी हैं, जबकि बद्दी स्थित मैसर्स गाल्फा लैबोरेटरीज की लिवोसिट्रीजिन डिहाइड्रोक्लोराइड टैबलेट्स और मैसर्स इनोवा कैप टैब की रिनोस्टेट टैबलेट्स भी इसी श्रेणी में हैं। सोलन सीबी हेल्थ केयर की ओफोक्सो सस्पेंशन को भी इसी श्रेणी में रखा गया है।
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इन रिपोर्ट के आधार किया फेल
ऐसे (क्वालिटी, क्वांटिटेटिव स्टैंडर्ड प्रोसीजर) रिपोर्ट और बीईटी यानी बैक्टीरियल एंडोटाक्सिन रिपोर्ट के आधार पर दवा सैंपलों को फेल करार दिया गया है और इन्हें लेकर अलर्ट जारी किया गया है। सेंट्रल ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल आर्गेनाइजेशन की वेबसाइट पर इस अलर्ट की कापी अटैच की गई है।
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