प्रदेश में निजी मेडिकल कॉलेजों में पीजी दाखिले फिलहाल पुरानी फीस पर ही किए जाएंगे। चूंकि अभी तक हाईकोर्ट का कोई फैसला नहीं हुआ है, इसलिए विवि ने तय किया है कि प्रवेश एवं शुल्क निर्धारण समिति के मुताबिक वह पुराने शुल्क पर ही एडमिशन करेंगे।
लिहाजा, छात्रों को काउंसिलिंग के लिए दोबारा च्वाइस भरने का विकल्प भी दिया गया है। बृहस्पतिवार की दोपहर एक बार तक च्वाइस भरी जा सकती है। शाम को पीजी सीटों का आवंटन कर दिया जाएगा। इस साल मेडिकल पीजी की एमडी और एमएस सीटों का शुल्क स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी और एसजीआरआर यूनिवर्सिटी ने बढ़ा दिया था। इसमें कई गुना बढ़ोतरी पर छात्रों ने विरोध भी जताया था। इस बीच दो अप्रैल को प्रवेश एवं शुल्क नियामक समिति की बैठक हुई थी, जिसमें बिंदु 2.2 में साफ किया गया है कि चूंकि 2015 में संशोधन हुआ था, जिसमें तय हुआ था कि शुल्क में परिवर्तन नहीं होगा।
लिहाजा, तय किया गया कि फिलहाल हाईकोर्ट का फैसला आने तक पुराना शुल्क ही लागू रहेगा। इसके साथ ही मेडिकल पीजी सीटों के दाखिलों की स्थिति भी साफ हो गई। देर रात एचएनबी मेडिकल यूनिवर्सिटी ने नोटिस जारी कर साफ किया है कि छात्र दोबारा बुधवार की रात दस बजे से बृहस्पतिवार की दोपहर एक बजे तक च्वाइस भर सकते हैं। सभी निजी मेडिकल कॉलेजों में पुराने शुल्क से ही दाखिले किए जाएंगे।
गत वर्ष भी शपथ पत्र के आधार पर पुराने शुल्क से ही दाखिले किए गए थे। आपको बता दें कि इस साल निजी मेडिकल कॉलेजों ने क्लीनिकल कोर्स की फीस 24 से 30 लाख रुपये कर दी थी जबकि नोन क्लीनिकल कोर्स की फीस भी बढ़ा दी गई थी। इस पर एसजीआरआर यूनिवर्सिटी में छात्रों ने कई दिनों तक धरना भी दिया था, जिसके बाद सरकार ने मामले में हस्तक्षेप किया था। एसजीआरआर यूनिवर्सिटी ने शुल्क वृद्धि का नोटिस वापस ले लिया था।
फिलहाल इस शुल्क पर होंगे एडमिशन
क्लीनिकल कोर्स
राज्य कोटे का शुल्क : 7,38,835 रुपये
प्रबंधकीय कोटे का शुल्क : 10,10,935 रुपये
नोन क्लीनिकल कोर्स
राज्य कोटे का शुल्क : 5,06,697 रुपये
प्रबंधकीय कोटे का शुल्क : 6,93,306 रुपये
दो अप्रैल को हुई प्रवेश एवं शुल्क नियामक समिति की बैठक का कार्यवृत्त प्राप्त हो गया है। इसके आधार पर तय किया गया है कि फिलहाल पुराने शुल्क पर ही दाखिले किए जाएंगे, जब तक कि हाईकोई को फैसला न ले ले। इस लिहाज से विवि ने दोबारा च्वाइस भरने का मौका दिया है।
- प्रो. विजय जुयाल, कुलसचिव, एचएनबी मेडिकल विवि