वेबसाइट बनाकर देने वालों का पता नहीं
कई विभागों ने जाने-अनजाने निजी लोगों से अपनी वेबसाइट और मोबाइल एप विकसित कराए हैं। विकासकर्ताओं का अब पता नहीं। लिहाजा, वेबसाइटों की जानकारी भी उपलब्ध नहीं हो पा रहीं। इस वजह से कई विभाग, आईटीडीए को अपनी सूचनाएं उपलब्ध नहीं कर पा रहे। केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के निर्देशों के तहत, राज्य के सभी सरकारी वेब पोर्टल्स और एप्लिकेशंस का सुरक्षा ऑडिट कराना अब अनिवार्य है।
क्यों जरूरी है यह कदम
वर्तमान में बढ़ते साइबर खतरों को देखते हुए राज्य की डिजिटल अवसंरचना को सुरक्षित करना सरकार की प्राथमिकता है। राज्य साइबर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल की ओर से यह ऑडिट किया जाना है ताकि डाटा चोरी और हैकिंग जैसी संभावनाओं को समाप्त किया जा सके।