बता दें कि उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध हिम क्रीड़ा स्थल औली में कथित 200 करोड़ रुपए के खर्च से हो रही हाई प्रोफाइल शादी पर हाईकोर्ट ने वहां सफाई किए जाने और पर्यावरण को होने वाली संभावित हानि की भरपाई के लिए पांच करोड़ रुपए जमा करने के निर्देश देते हुए औली में हेलीकॉप्टर की लैंडिंग पर रोक लगा दी थी।
वहीं कोर्ट ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को विवाह पर नजर रखने और पर्यावरण हानि पर रिपोर्ट देने को कहा था। मामले में अधिवक्ता रक्षित जोशी की ओर से दायर जनहित याचिका पर सोमवार को सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खण्डपीठ में हुई थी।