फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarakhand: देहरादून समेत चार जिलों के सभी मदरसों की जांच के आदेश, बाहरी राज्यों के बच्चों को लाने का मामला

Fri, 17 Apr 2026 11:03 AM IST
Renu Saklani अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

उत्तराखंड में देहरादून समेत चार जिलों के सभी मदरसों के जांच के आदेश दिए गए हैं।बच्चों के आगमन के स्रोत, उनके अभिभावकों की सहमति और उन्हें लाने वाले व्यक्तियों के संबंध में गहन जांच की जाएगी।
विज्ञापन
मदरसा - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सरकार ने देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल के सभी मदरसों के जांच के आदेश दिए हैं। सरकार के संज्ञान में आया है कि बाहरी राज्यों के बच्चों को राज्य के मदरसों में लाया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा, पारदर्शिता व नियमों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी तरह की अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के विशेष सचिव, डॉ.पराग मधुकर धकाते के मुताबिक देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर एवं नैनीताल के जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने जिलों के मदरसों में व्यापक सत्यापन अभियान चलाकर वास्तविक स्थिति से शासन को अवगत कराएं।

विज्ञापन


 बाहरी राज्यों से बच्चों को राज्य के मदरसों में लाया जा रहा
शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बच्चों के आगमन के स्रोत, उनके अभिभावकों की सहमति और उन्हें लाने वाले व्यक्तियों के संबंध में गहन जांच की जाए। पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी गई है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से संज्ञान में आया है कि बाहरी राज्यों से बच्चों को राज्य के मदरसों में लाया जा रहा है।

ये भी पढे़ं...Exclusive: दून-पांवटा हाईवे पर हो रहे हादसे, नहीं लगाए साइन बोर्ड और चेतावनी संकेतक; संचालन प्रबंधक पर एफआईआर

प्रदेश में वर्तमान में 452 पंजीकृत मदरसे संचालित हैं। सरकार की ओर से वर्ष 2025 में उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम लागू किया गया है। इस अधिनियम के तहत एक जुलाई 2026 से प्रदेश में मदरसा बोर्ड का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। इसके बाद राज्य के सभी मदरसों को उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड से संबद्धता प्राप्त करनी होगी और नई व्यवस्था के तहत उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता लेनी अनिवार्य होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें