उत्तराखंडवासी मानसखंड मंदिर माला मिशन के लिए भी लगातार प्रतीक्षारत हैं। राज्य सरकार भी 10 हजार करोड़ से ऊपर का प्रस्ताव केंद्र को दे चुकी है। लिहाजा, अबकी केंद्र सरकार के सामने मानसखंड के लिए बजट देने की चुनौती भी होगी। इसी तरह राज्य में कई धाम व पर्यटन स्थल ऐसे हैं, जहां रोपवे की परियोजनाएं प्रस्तावित हैं या फिर निर्माणाधीन हैं। डबल इंजन सरकार के सामने इन रोपवे को परवाज तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी होगी।
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का काम तो पूरा होने वाला है, लेकिन अभी बागेश्वर रेल लाइन राज्यवासियों का सपना है। इस सपने को हकीकत में बदलने की उम्मीद भी केंद्र-राज्य सरकार से रखी जा रही है। चारधाम ऑलवेदर रोड का काम भी अभी पूरा नहीं हुआ है। इसके भी जल्द पूरा करने की चुनौती है। इन तमाम चुनौतियों और जिम्मेदारियों के बीच राज्य के मतदाताओं ने खुलकर अपने वोट से भाजपा को समर्थन दिया है।