उत्तराखंड में लोकसभा चुनाव की मतगणना के साथ ही आज पता चल जाएगा कि भाजपा पांचों सीटों पर अपना कब्जा बरकरार रखेगी या कांग्रेस उसके दुर्ग में सेंध लगाने में कामयाब होगी। सियासी जानकारों के मुताबिक, लोस सीटों के चुनाव परिणाम प्रदेश की राजनीति पर अलग अलग असर डालेंगे। इस लिहाज से प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के लिए ये चुनाव बेहद महत्वपूर्ण है। इस चुनाव से उनकी आगे की सियासी राह और भविष्य तय होगा।
लोकसभा की पांच सीटों पर हुए चुनाव में कुल 52 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा, लेकिन चार सीटों पर भाजपा और कांग्रेस में ही सीधी टक्कर मानी जा रही है। टिहरी में भाजपा सांसद माला राज्यलक्ष्मी और कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह के बीच सीधा मुकाबला है। राजनीतिक प्रेक्षकों का कहना है कि पौड़ी में भाजपा के तीरथ सिंह रावत और कांग्रेस मनीष खंडूड़ी में से विजेता तय होना है तो नैनीताल ऊधमसिंह नगर सीट पर भाजपा के अजय भट्ट और कांग्रेस के हरीश रावत के बीच जीत-हार की जंग है। अल्मोड़ा में भाजपा के अजय टम्टा और कांग्रेस के प्रदीप टम्टा में सीधा मुकाबला है। केवल हरिद्वार लोकसभा सीट पर ही त्रिकोणीय मुकाबला है। इस सीट पर भाजपा के डॉ.रमेश पोखरियाल निशंक और कांग्रेस के अंबरीश कुमार अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं, जबकि बसपा-सपा का गठबंधन प्रत्याशी अंतरिक्ष सैनी भी चौंकाने की बात कर रहे हैं।