रेड व आरेंज जोन में पहला हफ्ता बीतने के बाद शासन समीक्षा करेगा। हालात सामान्य होने पर 50 प्रतिशत समूह ग व घ के कर्मचारियों को कार्यालय आने के लिए कहा जाएगा।
ग्रीन जोन में 50 प्रतिशत आएंगे कर्मचारी : ग्रीन जोन में सभी अधिकारियों को आना होगा। लेकिन समूह ग व घ के कर्मचारियों की 50 प्रतिशत उपस्थिति ही रहेगी। इसके लिए विभाग व कार्यालय प्रमुख रोस्टर तैयार करेंगे।
स्कूल रहेंगे बंद शिक्षकों व स्टाफ को बुलाया जा सकता है : ग्रीन जोन में लॉकडाउन के तीसरे चरण में भी सभी शिक्षण संस्थाएं बंद रहेंगी। लेकिन नितांत आवश्यकता पड़ने पर शिक्षकों व स्टाफ को बुलाने पर विचार हो सकता है।
इन महिला कार्मिकों को मिलेगी छूट : गर्भवती महिला कार्मिक व ऐसी महिला कार्मिक जिसकी 10 वर्ष से कम आयु की संतान हो, को कार्यालय आने में छूट रहेगी। उन्हें अपरिहार्य परिस्थितियों में ही दफ्तर बुलाया जाएगा। यह छूट 55 वर्ष से अधिक या को-मारबीटीज से ग्रसित कार्मिक को भी दी गई है। उन्हें भी सामान्यत: कार्यालय नहीं बुलाया जाएगा।
आरोग्य सेतु एप अनिवार्य होगा : दफ्तर आने वाले सभी अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए मोबाइल फोन पर आरोग्य सेतु एप्लीकेशन डाउनलोड करना अनिवार्य किया गया है।
खांसी जुकाम है तो नहीं आएंगे दफ्तर : अधिकारियों और कर्मचारियों को ताकीद किया गया है कि यदि उनमें खांसी, जुकाम या सांस लेने जैसे लक्षण हैं, तो वे दफ्तर नहीं आएंगे। इसकी सूचना वे अनिवार्य रूप से अपने उच्चाधिकारी को देंगे। उन्हें अवकाश स्वीकृत किया जाएगा।
ये भी रखना होगा ध्यान : कम से कम छह फिट की सामाजिक दूरी बनाएंगे। न समूह में घूमेंगे न एक स्थान पर इकट्ठा होंगे। बाहर से भोजन नहीं मंगाएंगे। मास्क या फेस कवर अनिवार्य होगा। गुटका, पान, तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट का सेवन व थूकना प्रतिबंधित रहेगा। कार्यालयों में थर्मल स्क्रीनिंग की पूरी व्यवस्था होगी। कार्यालयों में बाहरी लोगों का प्रवेश पर रोक होगी। सैनिटाइजेशन का पूरा ध्यान रखना होगा।