इन दिनों सामान्य मरीजों की परेशानियां बढ़ गई हैं। अस्पतालों का पूरा फोकस कोरोना से निपटने पर है, जिसके चलते सामान्य मरीजों पर ध्यान काफी कम है। अस्पतालों में सामान्य बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की ओपीडी में संख्या भी काफी कम हुई है।
भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार हमने सभी दवा विक्रेताओं को बिना डॉक्टर के पर्चे के दवाइयां ना बेचने के निर्देश दिए हैं। टेलीमेडिसिन के बाद डॉक्टर चाहें तो अपनी पर्ची पर दवाएं लिखकर मरीज को व्हाट्सएप कर सकते हैं। इस पर्चे को देखकर भी केमिस्ट दवा दे सकते हैं।
ताजबर सिंह, ड्रग कंट्रोलर, उत्तराखंड