लॉकडाउन के बीच शुक्रवार को विधानसभा खुलने पर प्रदेश के चार मंत्री अपने दफ्तरों में पहुंचे। मंत्रियों ने अपने कुछ काम निपटाए और फोन पर लोगों से बात भी की। लॉकडाउन के बाद से ही विधानसभा में पसरा सन्नाटा शुक्रवार केे चार मंत्रियों के पहुंचने पर टूटा। संसदीय कार्यमंत्री और शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज और वन मंत्री हरक सिंह शुक्रवार को विधानसभा पहुंचे। मंत्रियों के साथ ही उनका स्टाफ भी विधानसभा पहुंचा। मंत्रियों ने अपने कक्षों मेें सरकारी काम काज भी निपटाया और फोन पर भी लोगों से बात की।
हरक बृहस्पतिवार भी पहुंचे थे विधानसभा, शुक्रवार को दो घंटे रहे
वन मंत्री हरक सिंह ने शुक्रवार को विधानसभा पहुंचकर वन से संबंधित मामलों को निपटाया। उन्होंने बताया कि वे बृहस्पतिवार को भी विधानसभा पहुंचे थे। हरक ने वन विभाग से संबंधित कई मामलों में अधिकारियों से भी बात की।
मदन कौशिक बोले, स्थिति पर रख रहे हैं निगाह
शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि सरकार लॉकडाउन के दौरान रियायतों पर विचार कर रही है लेकिन सोशल डिस्टेंस को किसी भी सूरत में कमजोर नहीं होने दिया जाएगा। कुछ देर विधानसभा में रहने के बाद मदन कौशिक दूरदर्शन केंद्र में अपने एक कार्यक्रम के लिए निकल गए।
सुबोध उनियाल ने बिताया खासा वक्त
कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने दोपहर बाद तक का समय विधानसभा को दिया। सुबोध ने कहा कि 20 अप्रैल के बाद किसानों को कई स्तर पर रियायत दी जानी है। किसानों की समस्याओं पर सरकार लगातार फीड बैक ले रही है।
महाराज ने जताई चिंता, चार धाम यात्रा पर रहा फोकस
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने विधानसभा में मिले समय का उपयोग चार धाम यात्रा से संबंधित मामलों को सुलझाने के लिए किया। विधानसभा पहुंचे मीडिया कर्मियों से भी महाराज ने खुलकर बात की और कहा कि चार धाम यात्रा को पटरी पर लाने के लिए भी सरकार की ओर से कोशिश हो रही है। कोई भी फैसला सोशल डिस्टेंस और लॉकडाउन को देखते हुए ही लिया जा सकता है।