जहां पर नियमित रूप से मेडिकल परीक्षण किया जा रहा है, ताकि उनमें कोरोना जैसे लक्षण मिले तो उन्हें हॉस्पिटल भेजा जा सके। सूत्रों के मुताबिक लॉकडाउन के दौरान जेल में करीब 35 बंदी आए थे, इनमें से अभी 20 बंदी क्वारंटीन हैं।
बाकी को क्वारंटीन पूरी होने के बाद दूसरी बैरक में भेजा गया है। लॉकडाउन के चलते बंदियों की मुलाकात पर रोक है। ऐसे में जेल प्रशासन नियमानुसार फोन से परिजनों और वकील से बात करने की
सुविधा उपलब्ध करा रहा है।
कोरोना संक्रमण के बचाव के दृष्टिगत जेल में भी तमाम नियमों का पालन किया जा रहा है। नए बंदियों को 14 दिन की क्वारंटीन अवधि पूरी करने के बाद ही अन्य बंदियों के बीच भेजा जा रहा है। बैरक में भी बंदियों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग बनाई गई है।
- महेंद्र ग्वाल, जेल अधीक्षक