ऑलवेदर रोड परियोजना कार्य में लगे मजदूरों को खाने की दिक्कत हो गई है। पीपलकोटी के समीप टंगणी में दो दिन से भूखे-प्यासे मजदूर शनिवार को पैदल ही लगभग 12 किलोमीटर चलकर भीमतला पहुंचे। मजदूरों ने बताया कि लॉकडाउन के कारण वाहनों की आवाजाही न होने से ठेकेदार उन तक नहीं पहुंच पाया, जिसके बाद वे स्वयं पैदल चलकर भीमतला पहुंचे।
भीमतला में ठेकेदार ने मजदूरों के खाने की व्यवस्था कराई। ये सभी आठ मजदूर सहारनपुर के हैं। मजदूरों का कहना है कि यदि खाने-पीने की व्यवस्था न हुई तो वे पैदल ही घरों के लिए रवाना होंगे। इधर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी का कहना है कि मजदूरों के लिए खाने के पैकेट वितरित किए जा रहे हैं। ऑलवेदर रोड परियोजना कार्य में लगे मजदूर ठेकेदार के हैं। यदि ऐसी स्थिति है तो संबंधित ठेकेदारों से बात की जाएगी। ब्यूरो
घर जाने को पैदल दूरी नाप रहे मजदूर
पर्वतीय क्षेत्र से भी मजदूर लगातार घरों को पलायन कर रहे हैं। रुद्रप्रयाग से पैदल दूरी नापकर शनिवार को हिमाचल प्रदेश के 10 मजदूर भूखे-प्यासे घनसाली पहुंचे। घनसाली पहुंचने पर तहसील प्रशासन ने मजदूरों को भोजन करवाया। बालगंगा तहसील के तहसीलदार राजेंद्र सिंह रावत ने बताया कि पैदल चलने वाले मजदूरों को अलग-अलग स्थानों पर खाने के पैकेट बांटे गए। साथ ही उन्हें घर भेजने लिए वाहनों की व्यवस्था भी कराई जा रही है। संवाद
आटा, चावल, सब्जी की होने लगी किल्लत
लॉकडाउन के चलते देवाल बाजार में आटा, चावल, सब्जी आदि जरूरी वस्तुओं की कमी होने से लोग परेशान होने लगे हैं। स्थानीय छोटे बाजारों में हल्द्वानी से राशन की सप्लाई न आने से राशन की दुकानें बंद पड़ी हैं। ब्लाक के दस गांव में सस्ते गल्ले का राशन नहीं पहुंचा है। रसोई गैस सिलिंडर की मुंदोली, मेलखेत क्षेत्र में सप्लाई अभी तक नहीं हुई है।
शनिवार को राशन की दुकानें एक बजे तक खुली रहीं, लेकिन दुकानों में जरूरी वस्तुओं की कमी रही। देवाल बाजार के थोक विक्रेता हरीश रावत, कुंदन सिंह, प्रकाश सिंह ने बताया कि उनके पास जितनी खाद्य सामग्री थी, बंट चुकी है। हल्द्वानी से सब्जी और राशन की डिमांड भेजी है, लेकिन मंडी में मजदूर ने मिलने से राशन अभी तक नहीं पहुंचा है। पूर्ति अधिकारी मुकेश नेगी ने बताया कि ब्लाक के दस गांव में मार्च माह का राशन नहीं पहुंचा है। पूर्व प्रमुख डीडी कुनियाल ने एसडीएम से रसोई गैस की आपूर्ति की मांग की।
जनपद पौड़ी में कोरोना संदिग्ध मरीजों के 10 सैंपल निगेटिव आए हैं, जबकि कोरोना संदिग्धों के पांच नए सैंपल भी भेजे गए हैं। एसीएमओ डा. रमेश कुंवर ने बताया कि जिले से कोरोना संदिग्ध मरीजों के 10 सैंपल भेजे गए थे। सभी निगेटिव आए हैं।
इनमें सात सैंपल जिला चिकित्सालय पौड़ी, एक बेस चिकित्सालय श्रीनगर व दो बेस चिकित्सालय कोटद्वार के शामिल हैं। शनिवार को जिला चिकित्सालय पौड़ी से पांच नए सैंपल भेजे गए हैं। जिले में अभी तक कुल 12 सैंपल लिए गए, इनमें 1 पॉजीटिव व 11 निगेटिव आए हैं। डा. कुंवर ने बताया कि अभी तक जिले में 27 लोगों को आइसोलेशन में रखा गया है। 21 को क्वारंटीन किया जा रहा है। घरों में 41 लोग क्वारंटीन किए जा रहे हैं।
प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर किए जारी
कोरोना संक्रमण से निपटने व आम लोगों की सुविधा को देखते हुए अब विशेष परिस्थितियों में ई-पास बनाए जाएंगे। इसके लिए रुद्रप्रयाग जनपद के तीनों एसडीएम को मोबाइल फोन व सिम निर्गत कर हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कोराना वायरस को राष्ट्रीय आपदा घोषित कर दिया है। वायरस के संक्रमण से बचाव व रोकथाम के लिए आम लोगों की समस्याओं के लिए तीनों एसडीएम को सेलफोन व सिम प्रदान किए गए हैं।
आवश्यक वस्तुओं व आपातकालीन परिस्थितियों में आवाजाही के लिए संबंधित व्यक्ति को तहसील के एसडीएम के हेल्पलाइन नंबर पर व्हाट्स एप के माध्यम से आवेदन कर सकता है। जिलाधिकारी ने बताया कि ई-पास के लिए तहसील के लिए उपजिलाधिकारी को 8534051319, तहसील बसुकेदार व जखोली के लिए 8534051343 व तहसील ऊखीमठ के लिए 8534051335 नंबर जारी किया है।
एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय के दो हॉस्टल में रह रहे 21 छात्रों के समक्ष खाने की समस्या हो गई है। उन्होंने विवि के मुख्य छात्रावास अधीक्षक को पत्र भेजकर भोजन उपलब्ध कराने की मांग की है। विवि के छात्रसंघ उपाध्यक्ष अनमोल भंडारी ने पीएम पोर्टल और सीएम पोर्टल में शिकायत दर्ज कर छात्रों की मदद की गुहार लगाई है।
गढ़वाल विवि के श्रीनगर और चौरास में 13 होस्टल हैं। कुछ छात्रावासों में 60 से ऊपर छात्र हैं। इनमें से स्वामी विवेकानंद और श्रीदेव सुमन छात्रावासों में रह रहे 21 छात्रों के समक्ष खाने की समस्या खड़ी हो गई है। इधर, मुख्य छात्रावास अधीक्षक प्रो मोहन सिंह पंवार ने बताया कि लॉकडाउन होने से पहले छात्रों को छात्रावास खाली करने के लिए कहा गया था, लेकिन वो अपने रिस्क पर रुक गए। हॉस्टल वार्डन लगातार उनके संपर्क में हैं। दो हॉस्टल के मेस कर्मचारी लॉकडाउन होने पर घर चले गए। उन्होंने बताया कि छात्रों को अन्य हॉस्टल की मेस से पैक्ड फूड भेजने पर विचार भी चल रहा है। यदि ऐसा नही हुआ, तो उनको राशन दे दिया जाएगा।
बाहरी राज्यों में फंसे लोग लगा रहे घर वापसी की गुहार
कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए समूचे देश में लागू लॉक डाउन के चलते बाहरी राज्यों में फंसे लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिला प्रशासन इस तरह के लोगों को चिह्नित करने में जुटा है। शनिवार को ऐसे 137 लोगों की लिस्ट तैयार कर शासन को भेजी गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस तरह यहां बाहरी क्षेत्रों के फंसे हुए मजदूरों के लिए भोजन आदि की व्यवस्था की जा रही है, उसी तरह अन्य राज्यों में भी यह व्यवस्था प्रभावी होनी चाहिए। ऐसे में प्रशासन ने बाहरी राज्यों में फंसे लोगों को सूचीबद्ध करना शुरू कर दिया है।
राहत : सभी सैंपल की रिपोर्ट नेगेटिव
शनिवार को बाहरी जनपदों से उत्तरकाशी पहुंचे कुल 365 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इनमें से किसी में भी कोरोना संक्रमण के लक्षण नहीं पाए गए। फिर भी एहतियातन इन लोगों को 14 दिन तक होम क्वारंटीन में रहने की हिदायत दी गई है। जिले से अभी तक जांच के लिए भेजे गए सभी सात सैंपल की रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
शनिवार को दो और सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। सीएमओ डा. डीपी जोशी ने बताया कि अभी तक ढाई हजार से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है और इनमें से किसी में भी कोरोना संक्रमण के कोई लक्षण नहीं पाए गए। एएनएम, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इनकी निरंतर मॉनीटरिंग कर रहे हैं।