उधर, यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम समेत जिले के समुद्र सतह से ढाई हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में शुक्रवार रात को भारी बर्फबारी हुई। सुक्की, हर्षिल, खरसाली, सांकरी आदि क्षेत्रों में करीब आधा फीट बर्फ जमी है।
यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम एक बार फिर बर्फ से ढक गए हैं। भारी बर्फबारी के बीच गंगोत्री हाईवे एक बार फिर धराली से जांगला के बीच हिमखंड आने के कारण अवरुद्ध हो गया।
शनिवार को मौसम खुलने पर सूबेदार सतीश के नेतृत्व में बीआरओ के जवानों ने दो छोटे हिमखंडों को हटाया, लेकिन चांगथांग में करीब 130 मीटर लंबा हिमखंड पसरने से दिक्कत आ रही है। समाचार लिखे जाने तक हिमखंड काटने का काम जारी है।
बदरीनाथ धाम में शनिवार को धूप खिलने के बाद धाम की खूबसूरती में भी निखार आया है। धाम में चारों ओर बर्फ बिछी है। बदरीनाथ धाम के साथ ही देश के अंतिम गांव माणा में भी मकान बर्फ से ढक गए हैं।
बीते दिनों हुई बर्फबारी से बदरीनाथ के परिक्रमा स्थल में लगभग ग्यारह फीट तक बर्फ जम गई है। देश दर्शनी से लेकर बस स्टैंड, माणा रोड, आस्था पथ भी बर्फ से ढका है। शनिवार को दिनभर धाम में धूप खिली रही, जिससे यहां रह रहे मंदिर के कर्मचारियों और आईटीबीपी के जवानों ने राहत की सांस ली।