बिहार सरकार से डाकघर में खुले खाते में आर्थिक मदद की आस लगाए श्रमिक शनिवार को भी पोस्ट ऑफिस में इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंकिंग (आईपीपीबी) का खाता खुलवाने पहुंचे। श्रमिकों की भीड़ में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना मुश्किल होता रहा।
विभाग ने पुलिस की मदद भी ली। वहीं अभी तक विभागीय अधिकारियों ने बिहार सरकार की तरफ से खाते में पैसे भेजने की जानकारी से इनकार किया है। सुबह सात बजे से घंटाघर स्थित जीपीओ में खाता खुलवाने के लिए श्रमिकों की लाइन लगनी शुरू हो गई।
समय के साथ-साथ श्रमिकों की संख्या भी बढ़ती गई। इस दौरान श्रमिकों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं होता गया। जब स्थिति काबू से बाहर हुई तब अधिकारियों ने पुलिस को सूचित कर मदद मांगी, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने पहुंचकर व्यवस्था संभाली। दोपहर एक बजे तक खाते खोले गए।
जानकारी मिली है कि श्रमिकों को बिहार से उनके परिचितों ने वहां की सरकार से आर्थिक मदद देने की बात कही है, जिसके बाद ये लोग पोस्ट ऑफिस में खाता खुलवाने पहुंच रहे हैं। विभाग ने बिहार के विभागीय अधिकारियों से संपर्क साधा गया। वहां से बताया गया है कि उन्हें ऐसी किसी योजना की जानकारी नहीं है।
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अनसूया प्रसाद चमोला, प्रवर डाक अधीक्षक, देहरादून मंडल