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Uttarakhand Lockdown : शनिवार को नहीं मिला कोई पॉजिटिव केस, राज्य में कुल मरीजों की संख्या 48

Sat, 25 Apr 2020 10:17 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पेक्सेल्स
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शनिवार को उत्तराखंड में कोरोना पॉजिटिव मामला सामने नहीं आया। शुक्रवार को उत्तराखंड में नैनीताल जिले के हल्द्वानी निवासी एक शख्स में कोरोना की पुष्टि हुई थी। प्रदेश में कुल कोरोना के मामले 48 हैं। अब तक संक्रमित हुए 48 लोगों में से 26 ठीक हो चुके हैं। 22 मरीज देहरादून, हरिद्वार और नैनीताल जनपद के अस्पतालों में भर्ती हैं।

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प्रदेश में कोरोना अभी पहली स्टेज से आगे नहीं बढ़ा है। सात जिले उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, चंपावत, टिहरी, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में अभी तक एक भी मामला नहीं आया। पौड़ी और अल्मोड़ा में एक-एक मामला आया था। लेकिन तीन सप्ताह से वहां नया केस नहीं आया है।

केदारनाथ के रावल भीमाशंकर लिंग की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव

केदारनाथ धाम के रावल भीमाशंकर लिंग की कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। इससे सभी ने राहत की सांस ली है। रावल के तीन सेवादारों और दो चालकों की भी रिपोर्ट निगेटिव है। यह सभी बीती 21 अप्रैल से होम क्वारंटीन हैं। रिपोर्ट निगेटिव आने के बावजूद रावल समेत यह सभी लोग आगामी दो मई तक होम क्वारंटीन रहेंगे। इस दौरान उनकी नियमित स्वास्थ्य जांच की जाएगी।  
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न उद्योग सील होंगे और न ही सीईओ को जेल

कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए लॉकडाउन के दूसरे चरण में उद्योगों को दी गई छूट को लेकर 15 अप्रैल को गृह मंत्रालय ने गाइडलाइन जारी की है।

इसे कई लोग अपने ढंग से परिभाषित कर रहे हैं। इस पर गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों के मुख्य सचिव को पत्र भेज कर संशय को दूर किया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि न ही उद्योग सील होंगे और न ही सीईओ को जेल होगी।

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आर्थिक जोन में स्थापित उद्योगों को खोलने की छूट दी

केंद्र सरकार ने 20 अप्रैल से ग्रामीण क्षेत्रों और विशेष आर्थिक जोन में स्थापित उद्योगों को खोलने की छूट दी है। लेकिन कोरोना प्रभावित क्षेत्रों में उद्योग खोलने पर प्रतिबंध रहेेगा। उद्योगों को सोशल डिस्टेंसिंग, श्रमिकों के परिसर में ठहरने और खाने की व्यवस्था, सैनिटाइजेशन और लॉकडाउन का पालन करना होगा।

उद्योगों में इस बात का संशय है कि कोविड 19 और लॉकडाउन का पालन न करने पर उद्योग तीन साल के लिए सील किए जाएंगे और कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) को जेल होगी। सैनिटाइजेशन न करने पर दो दिन के लिए उद्योग बंद किए जाएंगे।

गृह मंत्रालय की ओर से मुख्य सचिव को भेजे पत्र में कहा गया कि 15 अप्रैल को जारी दिशानिर्देश में इस तरह का कोई उल्लेख नहीं है। न तो उद्योग सील होंगे और न ही सीईओ को जेल होगी। कोरोना वायरस संक्रमण रोकने के लिए उद्योगों को कोविड 19 और लॉकडाउन की एसओपी का पालन करना जरूरी होगा।
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