केंद्र सरकार ने 20 अप्रैल से ग्रामीण क्षेत्रों और विशेष आर्थिक जोन में स्थापित उद्योगों को खोलने की छूट दी है। लेकिन कोरोना प्रभावित क्षेत्रों में उद्योग खोलने पर प्रतिबंध रहेेगा। उद्योगों को सोशल डिस्टेंसिंग, श्रमिकों के परिसर में ठहरने और खाने की व्यवस्था, सैनिटाइजेशन और लॉकडाउन का पालन करना होगा।
उद्योगों में इस बात का संशय है कि कोविड 19 और लॉकडाउन का पालन न करने पर उद्योग तीन साल के लिए सील किए जाएंगे और कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) को जेल होगी। सैनिटाइजेशन न करने पर दो दिन के लिए उद्योग बंद किए जाएंगे।
गृह मंत्रालय की ओर से मुख्य सचिव को भेजे पत्र में कहा गया कि 15 अप्रैल को जारी दिशानिर्देश में इस तरह का कोई उल्लेख नहीं है। न तो उद्योग सील होंगे और न ही सीईओ को जेल होगी। कोरोना वायरस संक्रमण रोकने के लिए उद्योगों को कोविड 19 और लॉकडाउन की एसओपी का पालन करना जरूरी होगा।