प्रदेश सरकार ने माना है कि केवल चार जिले देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल ही संवेदनशील हैं। इन चार जिलों में सरकार 3 मई तक लॉकडाउन के तहत पाबंदियां बरकार रखने पर विचार कर रही है। केंद्र की गाइडलाइन आने के बाद अन्य नौ जिलों में लॉकडाउन के तहत आंशिक राहत देने की कार्ययोजना बनेगी। अभी यह निर्णय नहीं हुआ कि सरकार 20 अप्रैल से पहले इन जिलों में राहत देने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजेगी या फिर केंद्र से आने वाले निर्देश के बाद रणनीति तैयार करेगी।
सीएम ने की सतर्कता बरतने की अपील
सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत का कहना है कि प्रदेश में स्थिति अभी नियंत्रण में है। लेकिन भविष्य की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। देखा गया है कि इसमें कई बार मरीज में लक्षण सामने नहीं आ रहे हैं। वहीं कई मरीजों में 10 से भी ज्यादा दिनों में लक्षण सामने आ रहे हैं। ऐसे में सतर्क रहने की बहुत जरूरत है।
जनता से अपील है कि अपना चेहरा, नाक, मुंह ढकें तभी बाहर निकलें। होम मेड मास्क को गर्म पानी में धोकर इस्तेमाल करें। इस समय जरूरी है कि स्थिति को किसी भी तरह से नियंत्रण में रखा जाए। इसके लिए सरकार को जो भी सख्त कदम उठाने पड़ेंगे वो उठाए जाएंगे। सरकार बार-बार लोगों से अपील कर रही है कि पुलिस प्रशासन का सहयोग करें। धर्मगुरुओं से भी अपील की जा रही है कि वे आगे आएं और लोगों को जागरूक करें।