लेकिन, इससे पहले ही स्कूल के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका था। सूत्रों के अनुसार मुकदमा दर्ज होने के बाद बीईओ ने सीईओ कार्यालय को मामले की रिपोर्ट सौंपी। उस रिपोर्ट में ऐसा कुछ नहीं था, जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज कराया जाता।
हमने स्कूल को नोटिस जारी कर शिकायतों पर जवाब मांगा। स्कूल ने अपना जवाब दिया। लेकिन, उसे देखा नहीं गया। क्योंकि तब तक मुकदमा दर्ज कराया जा चुका था। शिकायतों की जांच के बाद मुकदमा दर्ज होना चाहिए था। उच्च अधिकारियों के आदेश पर स्कूल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया।
स्वराज तोमर, बीईओ, रायपुर
डीएम ने फीस मांगने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस पर हमने बीईओ रायपुर को मुकदमा दर्ज कराने को कहा। वो तहरीर देकर आ गए। इसी दौरान स्कूल ने अपना जवाब दिया। लेकिन, तब तक हमारी तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया।
-आशारानी पैन्यूली, सीईओ, देहरादून
शिक्षा विभाग का नोटिस मिलने के कुछ घंटों के अंदर हमने अपना जवाब दिया। अभिभावकों ने जो भी आरोप लगाए थे, हमने उनका बिंदुवार जवाब दिया। अपने जवाब के पक्ष में सभी दस्तावेज और साक्ष्य भी विभाग को उपलब्ध कराए। लेकिन, कुछ देर बाद हमें पता चला कि हमारे खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया है।
-इकबाल सिंह, चेयरमैन, शिवालिक इंटरनेशल स्कूल