कोरोना वायरस के खिलाफ लॉकडाउन का एक महीना पूरा हो गया। दून के बाशिंदों के लिए भी यह वक्त मुश्किलों भरा जरूर रहा लेकिन उनके सहयोग से जिला प्रशासन भी खुश है। शनिवार को अमर उजाला फेसबुक लाइव में जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि निश्चित तौर पर पूरा सिस्टम तो चुस्त रहा ही, लेकिन जनता का लॉकडाउन को सहयोग भी इस जंग में अहम रहा है।
उन्होंने कहा कि इसी सहयोग के दम पर हम रेड जोन से बाहर निकलेंगे। कोरोना को बिल्कुल अलग तरह की महामारी कहने वाले डॉ. आशीष श्रीवास्तव और उनकी पूरी टीम के लिए इस वक्त दिन और रात के बीच कोई अंतर नहीं है। उन्होंने अमर उजाला फेसबुक लाइव में जनता के सवालों के जवाब देने के साथ ही उन्हें घर में ही सुरक्षित रहने की अपील भी की।
80 प्रतिशत मामलों ने बनाया दून को रेड जोन
डीएम डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश में कोरोना के 50 प्रतिशत मामले देहरादून के हैं, इनमें भी 80 प्रतिशत नगर निगम क्षेत्र के हैं। ऐसे में जिला प्रशासन के सामने काफी चुनौतियां थी। वजह यह कि हमारी जंग ऐसे वायरस के खिलाफ है, जो दिखता नहीं है। डॉक्टरों के साथ ही पुलिस और प्रशासन की टीम लगी हुई है।
प्रशासन के सामने ये थी चुनौतियां
डीएम ने बताया कि प्रशासन के सामने कई चुनौतियां लोगों की जांच और उनका इलाज करना, कंटेनमेंट जोन बनाना, वहीं कोरोना पर नियंत्रण के लिए टीम बनाना भी थीं। जिसमें व्यवस्था बनाने के लिए कंट्रोल रूम बनाकर नंबर जारी किए गए।
वहीं, लेबर और उनके परिवार के लिए रहने, खाने और मनोरंजन की व्यवस्था करना आदि की भी चुनौती थी। लेकिन,सामाजिक संगठनों की मदद से यह काम भी राहत भरा हो गया। एनजीओ के माध्यम से आने वाला राशन व भोजन को पुलिस के जरिये थानों के माध्यम से बंटवाया गया।
अगले दिन बंटने वाले राशन की सूची एक दिन पहले तैयार की गई, ताकि हर जरूरतमंद तक राशन व भोजन पहुंच सके। हालांकि अब प्रशासन गर्मी के मौसम को देखते हुए व्यक्ति के डाइट के हिसाब से राशन देने कीयोजना बना रहा है। इसके लिए सीडीओ को नोडल बनाया गया। पूरी टीम ने बढ़िया काम किया।
बंद रहेंगी शराब की दुकानें
जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में शराब की सभी दुकानें बंद रहेंगी। केंद्र या राज्य सरकार के आदेश के बाद ही इस पर निर्णय लिया जाएगा।
प्लानिंग के साथ काम कर रहा प्रशासन
डीएम डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जिला प्रशासन पूरी प्लानिंग के साथ कामकर रहा है। हॉट स्पॉट की निगरानी की जा रही है। 15 मार्च को एफआरआई में पहला तथा 19 मार्च को दो और मामले आने के बाद प्रशासन अलर्ट हो गया, जिसके बाद उसे सील कर दिया गया। उस समय तत्काल लिया गया यह निर्णय काफी महत्वपूर्ण साबित हुआ।
वहीं, आजाद नगर, भगत सिंह कॉलोनी, कारगी ग्रांट बस्ती में मामला आने के बाद उन्हें सील कर दिया गया। टीम ने घर-घर जाकर सर्वे किया। जिसे भी खांसी, जुकाम, बुखार आदि की शिकायत मिली, उनका टेस्ट कराया गया। यही वजह है कि यहां घटनाएं अन्य शहरों की तुलना में काफी कम बढ़ी। अधिकारियों पर काफी जिम्मेदारी है। वह घर-घर जाकर सर्वे कर रहे हैं।
समयसीमा पूरी होने पर कॉलोनियों से हटेगी सील
डीएम ने बताया कि कोरोना संक्रमित मिलने के बाद जिन इलाकों को सील किया गया है। उन्हें समय सीमा पूरी होने के बाद ही खोला जाएगा। पहले 14 दिन तक मामले न आने पर थोड़ी राहत देते हुए ऑरेंज जोन घोषित किया जाता है। जबकि अगले 14 दिन में अगर कोई मामला नहीं आता है तो उसे ग्रीन जोन घोषित कर सील हटा दिया जाता है।
निगम क्षेत्र रेड जोन, छूट देना संभव नहीं
डीएम ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र देहरादून और डोईवाला रेड जोन में हैं। ऐसे में यहां छूट देना संभव नहीं है। इसके बावजूद राशन, दूध-दही, मेडिकल स्टोर आदि की दुकानें खुल रही हैं। अभिभावकों को किताबों की होम डिलीवरी की सुविधा दी गई है।
ओवररेटिंग करने वालों पर हो रही कार्रवाई
डीएम डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि प्रशासन की टीम सुबह छह बजे ही फील्ड में निकल रही है। इस दौरान ओवर रेटिंग करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। बताया कि इसे लेकर काफी सख्त कानून है। सब्जियों के रेट मंडी आने पर रोजाना तय किए जाते हैं, प्रशासन ने सामान्य कॉलोनियों और इलाकों में वैन लगा रखी है, जिसके जरिये लोगों को मंडी के रेट पर ही सब्जी उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं, अगर कहीं ओवररेटिंग हो रही है तो लोग उसकी शिकायत करें, ताकि ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।