उन्हें सख्त निर्देश दिए है कि यदि वह घर से बाहर मिले तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। एसडीएम कुश्म चौहान ने बताया कि स्क्रीनिंग जांच के बाद उन्हें सरकारी वाहनों से बस्ती में छोड़ दिया गया। अभी 14 वन गुर्जर क्वारंटीन ही रहेंगे। एसडीएम ने बताया कि बस्ती में लगाई गई पाबंदी को हटाने का निर्णय शासन स्तर से लिया जाएगा। इसकी रिपोर्ट तैयार करनी शुरू कर दी है। वहां पर किसानी कार्यों को लेकर छूट कर दी गई है। दूध की बिक्री की अनुमति शीघ्र ही जारी कर दी जाएगी।
21 दिन से बस्ती से नहीं बिका दूध
गैंडीखाता गुर्जर बस्ती से पिछले 21 दिनों से दूध की बिक्री नहीं हो सकी है। वन गुर्जर अधिकार मंच के अध्यक्ष मौ. सफी लोधा ने बताया कि बस्ती से हजारों लीटर दूध की बर्बादी हो रही थी। गेहूं की कटाई नहीं हो पाई। गांव के लोग भूखमरी के कगार पर पहुंच गए थे। हालांकि प्रशासन की ओर से कुछ सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही थी, लेकिन वह नाकाफी हो रही थी। पाबंदी हटाए जाने के बाद से कुछ राहत मिलेगी।